बस्तर डेयरी फार्म के प्रदूषण ने किया ग्रामीणों का जीना हराम
जगदलपुर। बस्तर के बोरपदर क्षेत्र में संचालित बस्तर डेयरी फार्म की गतिविधियों एवं फैक्ट्री से कथित रूप से उत्पन्न हो रही दुर्गंध को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में लंबे समय से नाराजगी और परेशानी बनी हुई है। ग्रामीणों की समस्याओं को लेकर जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए मामले की निष्पक्ष जांच एवं कार्रवाई की मांग की गई है।
समाजसेवी अविनाश गौतम ने बताया कि बस्तर डेयरी फार्म द्वारा संचालित कुछ आउटलेट्स के पंजीयन, लाइसेंस एवं आवश्यक अनुज्ञप्तियों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। संबंधित विभागों के अभिलेखों की जांच कर यह सुनिश्चित करने की मांग की है कि सभी आउटलेट्स नियमानुसार पंजीकृत एवं अधिकृत हैं अथवा नहीं? श्री गौतम ने कहा है कि फैक्ट्री से लगातार दुर्गंध उत्पन्न होने की शिकायत ग्रामीणों द्वारा की जा रही है।ग्रामीणों के अनुसार यह समस्या पिछले लगभग 8 वर्षों से बनी हुई है। पूर्व में भी इस संबंध में कई बार शिकायतें की गई हैं। इसके बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं होने का आरोप ग्रामीणों ने लगाया है। ज्ञापन में मांग की गई है कि बोरपदर स्थित फैक्ट्री का संबंधित विभागों की संयुक्त टीम द्वारा स्थल निरीक्षण कराया जाए। साथ ही दुर्गंध एवं संभावित प्रदूषण के स्रोत की वैज्ञानिक जांच कर आवश्यकतानुसार वायु, जल एवं आसपास के पर्यावरण के नमूने लेकर अधिकृत प्रयोगशाला से परीक्षण कराया जाए।
उत्पादों की भी हो जांच
समाजसेवी अविनाश गौतम ने फैक्ट्री में निर्मित होने वाले दूध, दुग्ध उत्पाद एवं अन्य खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर खाद्य सुरक्षा विभाग के माध्यम से गुणवत्ता एवं सुरक्षा की जांच कराने की मांग भी की गई है। यह भी मांग रखी गई है कि फैक्ट्री के संचालन से संबंधित प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, खाद्य सुरक्षा विभाग, स्थानीय निकाय एवं अन्य संबंधित विभागों की अनुमतियों और अनुपालन की जांच की जाए। पिछले लगभग आठ वर्षों में ग्रामीणों द्वारा की गई शिकायतों एवं उन पर हुई कार्रवाई का रिकॉर्ड मंगाकर समीक्षा करने की भी मांग की गई है।अविनाश गौतम ने कहा कि यदि जांच में किसी प्रकार का नियम उल्लंघन, प्रदूषण अथवा आवश्यक पंजीयन, अनुमतियों का अभाव पाया जाता है तो संबंधित संस्था या संचालक के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए तथा ग्रामीणों को दुर्गंध एवं अन्य परेशानियों से स्थायी राहत दिलाने के लिए आवश्यक सुधारात्मक उपाय सुनिश्चित किए जाएं।
ज्ञापन में हैं ये मुद्दे
ज्ञापन में बस्तर डेयरी फार्म द्वारा संचालित सभी संबंधित आउटलेट्स के पंजीयन, लाइसेंस एवं आवश्यक अनुज्ञप्तियों की जांच कराने तथा नियमों के अनुरूप दस्तावेज उपलब्ध हैं अथवा नहीं, इसकी पुष्टि करने, फैक्ट्री का संबंधित विभागों की संयुक्त टीम द्वारा निरीक्षण कराने, फैक्ट्री से उत्पन्न होने वाली दुर्गंध, प्रदूषण के स्रोत की वैज्ञानिक जांच कराने तथा आवश्यकता होने पर वायु, जल एवं आसपास के पर्यावरण के नमूने लेकर अधिकृत प्रयोगशाला से परीक्षण कराने, फैक्ट्री में निर्मित किए जा रहे दूध एवं दुग्ध उत्पादों और अन्य खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर खाद्य सुरक्षा विभाग के माध्यम से गुणवत्ता एवं सुरक्षा की जांच कराने, फैक्ट्री के संचालन से संबंधित प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, खाद्य सुरक्षा विभाग, स्थानीय निकाय एवं अन्य संबंधित विभागों की आवश्यक अनुमतियों एवं अनुपालन की जांच कराने, पिछले लगभग 8 वर्षों में ग्रामीणों द्वारा की गई शिकायतों एवं उन पर की गई कार्रवाई का रिकॉर्ड मंगाकर समीक्षा करने तथा यह स्पष्ट करने कि पूर्व शिकायतों पर क्या कार्रवाई की गई है? यदि जांच में नियमों का उल्लंघन, प्रदूषण अथवा आवश्यक पंजीयन, अनुमतियों का अभाव पाया जाता है तो नियमानुसार जिम्मेदार संस्था, संचालक के विरुद्ध कार्रवाई करने, ग्रामीणों को हो रही दुर्गंध एवं अन्य परेशानियों से स्थायी राहत दिलाने के लिए आवश्यक सुधारात्मक उपाय तत्काल सुनिश्चित करने, की गई जांच एवं कार्रवाई की लिखित जानकारी शिकायतकर्ताओं और ग्रामीणों को उपलब्ध कराने जैसे मुद्दे रखे गए हैं। श्री गौतम ने ग्रामीणों के हवाले से कहा है कि लंबे समय से चली आ रही इस समस्या का अब समयबद्ध एवं निष्पक्ष निराकरण आवश्यक है। उन्होंने जिला प्रशासन से जनहित में मामले को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र जांच कराने और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है।
