सामूहिक वंदे मातरम् गायन कार्यक्रम का आयोजन
बीजापुर, 25 सितंबर 2026। ‘नमामि भारतम्–वंदे मातरम्’ के 150वें वर्षगांठ के पावन अवसर पर छत्तीसगढ़ प्रांत के समस्त सरस्वती शिशु मंदिरों में सामूहिक वंदे मातरम् गायन कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसी कड़ी में जिला मुख्यालय स्थित सरस्वती शिशु मंदिर विद्यालय, बीजापुर में भी प्रातः 11:00 बजे राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ का सामूहिक गायन किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के भैया-बहनों के साथ आचार्य एवं दीदी जी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि एवं संयोजक के रूप में जिला प्रतिनिधि श्री नंदकिशोर राणा उपस्थित रहे। उनके मार्गदर्शन में विद्यार्थियों एवं विद्यालय परिवार ने एक स्वर में वंदे मातरम् का गायन कर राष्ट्र के प्रति सम्मान और मातृभूमि के प्रति श्रद्धा व्यक्त की।
इस अवसर पर विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती भावना पैंकरा सहित बीजापुर जिले में संचालित नवीन सरस्वती शिशु मंदिर आवापल्ली, उसूर एवं कुटरू के प्रधानाचार्य, समस्त आचार्य-दीदी एवं भैया-बहनों की गरिमामयी उपस्थिति रही। सामूहिक गायन के दौरान विद्यालय परिसर देशभक्ति के भाव से गूंज उठा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री नंदकिशोर राणा ने कहा कि ‘भारत माता की जय’ केवल एक उद्घोष नहीं, बल्कि अपनी मातृभूमि के प्रति सम्मान और कृतज्ञता की अभिव्यक्ति है। उन्होंने कहा कि भारत की धरती हमें जीवन के लिए आवश्यक अन्न, जल और अनेक प्राकृतिक संसाधन प्रदान करती है। इसी मिट्टी से उत्पन्न चावल, गेहूं, दाल, फल एवं अन्य खाद्य पदार्थ हमारे शरीर को पोषण और ऊर्जा देने के साथ हम माँ के गर्भ से पहले हम अन्य के रूप में मिट्टी में समाहित रहते हैं इसीलिए हमें भारत माता की जय बोलने में गर्व होना चाहिए साथ ही कहा की भारतीय परंपरा में धरती को माता के रूप में सम्मान दिया गया है और हम श्रद्धा से ‘भारत माता की जय’ का उद्घोष करते हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि राष्ट्रप्रेम केवल नारों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि अपने देश, समाज, प्रकृति और संस्कृति के प्रति जिम्मेदारी निभाने के रूप में भी दिखाई देना चाहिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों में देशभक्ति, संस्कार, अनुशासन और राष्ट्रीय एकता की भावना विकसित करने में ऐसे सामूहिक कार्यक्रम महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसी भाव के साथ हमसभी को राष्ट्रीय गीत को बड़ी सम्मान के साथ गायन करना चाहिए
कार्यक्रम में आवापल्ली, उसूर एवं कुटरू सहित जिले के विभिन्न सरस्वती शिशु मंदिरों के प्रधानाचार्य, आचार्य-दीदी और विद्यार्थियों की सहभागिता रही। सभी ने एकजुट होकर राष्ट्रीय गीत का गायन किया और राष्ट्र की एकता, अखंडता एवं गौरव को बनाए रखने का संकल्प व्यक्त किया।
इसका कार्यक्रम के दौराना मुख्य अतिथि एवं संयोजक के रूप में श्री नंदकिशोर राणा एवं विद्यालय के प्रधानाचार्य श्रीमती भावना पर जी एवं बीजापुर जिले में संचालित नवीन सरस्वती शिशु मंदिर आवापल्ली होसुर कुटरु के प्रधानाचार्य एवं समस्त आचार्य
मोहन लाल पुंगाटी
प्रवीण बुरका
हंसा केजी
अजिता तेलम
जया
उमा देवी
आयुषी
अंजली मोरला
राधा नेताम
रीना निषाद
नागलक्ष्मी अनमुल्ल
श्रीमती भावना पैंकरा
नागमणी पुनेम सहित सरस्वती शिशु मंदिर के भैया बहने उपस्थित रहे
