तेंदूपत्ता संग्राहकों का होगा नगद भुगतान, मंत्री कवासी लखमा के ध्यानाकर्षण व विधायक विक्रम की पहल पर दिखा असर, राज्य शासन ने जारी किया आदेश बीजापुर और सुकमा जिले के तेंदूपत्ता संग्राहक होंगे लाभान्वित
बीजापुर :- जिले के तेंदूपता संग्राहकों को नगद भुगतान मिलेगा। इस आशय का एक आदेश वन एवम् जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा प्रबंध संचालक छत्तीसगढ़ राज्य लघुवनोपज संघ को दिया है।
जानकारि के लिए बतादूँ की कुछ दिन पूर्व मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ शासन भूपेश बघेल के सुकमा व बिजापुर प्रवास पर प्रभारी मंत्री कवासी लखमा के ध्यानाकर्षण व बस्तर विकास प्राधिकरण उपाध्यक्ष व बीजापुर विधायक विक्रम मण्डावी की पहल का दिखा असर,मंत्री कवासी लखमा व विधायक विक्रम ने मुख्यमंत्री जी को बताया कि हमारे दोनो जिलों में तेंदूपत्ता का नगद भुगतान किया जाए ताकि सुदूर आदिवासी अंचल में रहने वाले संग्राहको को अपने मेहनताने की रकम को बैंकों से निकालने के लिए बहुत ज्यादा कठीनाइयों का सामना करना पड़ता है जिससे निजात दिलाने के लिए दोनो जिलों के तेंदूपत्ता संग्राहको को नगद भुगतान किया जाए,

अब दोनो जिलों के संग्राहको को होगा लाभ –
जारी आदेश में कहा गया है की कलेक्टर जिला सुकमा एवं कलेक्टर जिला बीजापुर से प्राप्त संशोधित प्रस्ताव तथा इस संबंध में प्रबंध संचालक राज्य लघु वनोपज संघ से प्राप्त अनुशंसा के आधार पर पूर्व आदेश को निरस्त करते हुए सुकमा एवं बीजापुर जिले के समस्त तेंदूपत्ता संग्राहकों का पारिश्रमिक राशि का नगद भुगतान प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियों के माध्यम से किए जाने के लिए सहमति प्रदान की गई है जिसमें नगद भुगतान के लिए तेंदूपत्ता संग्राहक की पात्रता के संबंध में भली-भांति संतुष्ट होकर जिला कलेक्टर अनुमति देंगे साथ ही प्रत्येक प्रकरण का नगद भुगतान कलेक्टर की अनुमति से होगा और यह नगद भुगतान की कार्यवाही जिला कलेक्टर के पर्यवेक्षण व नियंत्रण में संपन्न होगा।
विदित हों कि तेंदूपत्ता संग्राहकों व स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा बैंक के माध्यम से तेंदूपत्ता संग्राहकों को भुगतान करने का विरोध कर रहे थे क्यूँकि बीजापुर और सुकमा ज़िले के गाँव दूरस्त पहाड़ियों और वनों से घिरे होने के कारण ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को बैंकिंग लाभ लेने के लिए पैदल चलकर आना होता था और बैंक में क़तार लगाकर रुपए आहरण करने तक दो से तीन दिन लग जाते थे जिससे तेंदूपत्ता संग्राहकों
को अतिरिक्त समय व रुपय भी खर्च करने पढ़ते थे। तेंदूपत्ता संग्राहकों का शासन द्वारा नगद भुगतान किए जाने से तेंदूपत्ता हितग्राहियों को बैंक तक आकार रुपए आहरण करने की समस्या से निजात मिलेगा।
