सर्व आदिवासी समाज के लोगों ने पेशा नियम और केंद्र सरकार वन पर्यावरण के विरोध में निकाली रैली,सौंपा ज्ञापन
छोटे कापसी(राजदीप शर्मा) – सर्व आदिवासी समाज के लोगों ने राज्य सरकार के पेशा नियम और केंद्र सरकार के वन पयार्वरण कानून के विरोध में एक दिवसीय धरना प्रदशर्न का आयोजन किया गया। पखांजूर गोड़वाना समाज भवन में इस संबध में बैठक का आयोजन किया गया। धरना प्रदर्शन स्थल से रैली निकाल कर पखांजूर अनुविभागीय अधिकारी कायार्लय पखांजूर पहुंचे जहां राष्ट्पति और राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा गया। अपनी दो सूत्रीय मांगों को ले कर ग्राम कंदाड़ी में भी आदिवासी समाज द्वारा विशाल रैली का आयोजन किया गया जहां बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के लोगों ने भाग ले कर इन दोनों कानूनों का विरोध किया।

पखांजूर में आदिवासी समाज द्वारा पेशा कानून और केंद्र सरकार द्वारा लाया गया पयार्वरण कानून के विरोध में पखांजूर में रैली का आयोजन किया गया। इन्ही दो मांगों को ले समाज द्वारा राष्ट्पति और राज्यपाल के नाम ज्ञापन भी सौंपा गया। रैली के पूर्व गोड़वाना समाज भवन पखांजूर में सभा का आयोजन किया गया जहां बड़ी संख्या में सामज के प्रमुखों ने इन दो मांगों के संबध में अपनी बात रखी। सर्व आदिवासी समाज अध्यक्ष सियाराम पुड़ो ने बताया की राज्य सरकार द्वारा जो पैसा कानून लाया गया है वह पूरी तरह से ग्राम सभा के अधिकारों को खत्म कर रहा है। समाज की मांग है की जो पैसा कानून संसद में पास किया गया है ठीक वैसा ही अधिकार मूल निवासियों को और उनकी ग्राम सभा को दिया जाए, पर राज्य सरकार इस कानून में अपने अनुसार परिवतर्न कर मूल निवासियों के अधिकारों को छीन रही है। इसी प्रकार केंद्र सरकार का नया वन पयार्वरण कानून लाया गया है, वह भी ग्राम सभा के अधिकारों को खत्म कर रहा है। जो मूल निवासियों को विस्थापित कर सकता है इस कानून का भी सभी को विरोध करना है। इसके साथ ही नक्सली प्रकरणों में बंद अदिवासियों को तुरंत जेल से रिहा करने की भी मांग की गई। इस दौरान आदिवासी समाज के मैनी कचलाम,अजीत नुरैटी,मनकू नेताम,ठाकुर राम नेताम,सोहन हिचामी,दया उसेंडी,मैनू पोटाई,नरेश कुमेटी,गणेश धु्रव आदि उपस्थित रहे।
