प्रवासी पक्षी- : विदेशों से सर्दी की सीजन में परलकोट पहुंच रहे विदेशी पक्षी, छ: माह तक करेंगे विचरण, लोगों को कर रहे आकर्षण
छोटे कापसी(राजदीप शर्मा) – विदेशों में सर्दी के मौसम में अधिक बर्फ जम जाने के कारण भोजन पानी की समस्या से जूझते हजारों की संख्या में प्रवासी पक्षी हर साल जिले के साथ परलकोट क्षेत्र का रुख करते हैं। यहां पर नहरी क्षेत्र,तालाबों में इनका जमावड़ा देखने को मिलता है, क्योंकि यहां का सर्दी का सीजन इनको खूब भाता है साथ ही परलकोट क्षेत्र में मछली पालन बहुत मात्रा में होता है, दिसम्बर जनवरी में तलाबों में पानी कम होता है। तालाबों में जलीय पौधे पानी कम होने से दिखने लगते है जो प्रवासी पक्षी की पहली पसंद होती है। जिसके चलते इन्हें खाने पीने को कोई भी समस्या नही होती। जैसे ही फरवरी-मार्च के महीने आते ही मौसम में गर्माहट आने लगती है। तब धीरे धीरे प्रवासी पक्षी भी अपने वतन वापस लौटने लगते हैं। प्रवासी पक्षी:विदेशों से सर्दी की सीजन में परलकोट पहुंच रहे विदेशी पक्षी,छ: माह तक करेंगे विचरण:लोगों को कर रहे आकर्षण।इसका नजारा आज कल कापसी क्षेत्र में आए दिन तालाबो के किनारे देखने को मिल रहा है।
स्थानीय जानकारों ने बताया तो विदेशी प्रवासी पक्षी प्रतिवर्ष अगस्त माह के अंत अथवा सितम्बर माह के पहले सप्ताह में भारत की तरफ प्रवास करती है।इनका प्रवास छह माह का होता है तथा फरवरी व मार्च माह में पुन: यहां से रवाना होती है।
यह है प्रवासी पक्षी की विशेषताएं
1.आधे काले सफेद रंग के होते है।
2.दो से तीन किलो तक से ज्यादा होता है इनका वजन
3.भोजन के रूप में मोतिया घास, छोटे कीट,मतीरा,जलीय पौधा है पहली पसंद
4.खुले स्थानों व जलभराव स्थलों के पास डालते है डेरा।
पशु चिकित्सक सहायक सल्गज्ञ कापसी ड़ी.के कल्यारी ने बतलाया कि प्रवासी पक्षी हर साल परतापुर एवं पखांजुर में आते है। यहां छ:माह के लिए आते है। अगस्त में आते और फरवरी मार्च में गर्मी बढ़ते ही वापस लौटने लगते है।
