मेला मड़ाई के माध्यम से छत्तीसगढ़ की संस्कृति को सहेजने का हो रहा काम, सरकार भी दे रही स्थानीय संस्कृति को बढ़ावा – अनूप नाग
छोटे कापसी (राजदीप शर्मा)- क्षेत्रीय विधायक अनूप नाग कोयलीबेड़ा विकासखण्ड़ के ग्राम पंचायत प्रतापपुर में आयोजित मड़ई मेला के शुभारंभ कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि मड़ई मेला के माध्यम से छत्तीसगढ़ की संस्कृति को सहेजने का काम हो रहा है। राज्य की सरकार भी छत्तीसगढ़ की संस्कृति, परम्परा को सहेजने का काम कर रही है।

इस दौरान विधायक ने कहा छत्तीसगढ़ी संस्कृति को बढ़ावा देने के साथ यहा के तीज-त्यौहारों में शासकीय अवकाश देने की शुरूआत की गई है। नौकरी में भी स्थानीय लोगों को अवसर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गांव में मड़ई मेला खुशियों का त्यौहार है। गांव के लोग आपसी-भाईचारें के बीच इस मेले को आयोजित कर मनाते हैं। इस तरह का आयोजन गांव में होता रहे और आप सभी सुख-शांति से सद्भावनापूर्वक रहे यहीं कामना है।
विधायक नाग ने प्रतापपुर की सभा में कहा कि हमारे किसान ही इस प्रदेश और देश की नींव और अर्थव्यवस्था है। किसान मजबूत होंगे तो गांव और प्रदेश मजबूत होगा, देश मजबूत होगा। विधायक ने कहा कि हमारे यशस्वी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने किसानों के साथ किसी प्रकार का अन्याय न ही होने दिया है और न ही कभी होने देंगे। उन्होंने कहा की राज्य सरकार अब किसानों से प्रति एकड़ 15 क्विंटल के स्थान पर 20 क्विंटल धान खरीदी करेगी । नाग ने कहा कि विकास कार्यों के लिए राज्य की सरकार सदैव सबके साथ है। गांव में गौठान बनने से होने वाले फायदे का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गौ-पालकों से दो रुपए किलों की दर से गोबर खरीद रही है। किसानों को लाभान्वित करने सरकार द्वारा अनेक कदम उठाए गए हैं। इससे किसानों में आर्थिक समृद्धि आई है ।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश में विकास के कार्य किए जा रहे हैं। बेरोजगारों को 2500 रुपए बेरोजगारी भत्ता देने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। लगभग 95 फीसदी वादे पूरे कर दिए गए हैं, जल्दी ही शेष वादों को भी पूरा कर दिया जायेगा।
मौके पर जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष इंद्रजीत विस्वास,जनपद पंचायत अध्यक्ष देवली नूरेटी,परतापुर सरपंच राजाराम कोमरा, जनपद सदस्य सियाराम पुडो,जनपद सदस्य गजेंद्र उसेंडी क्षेत्र के गायता,पुजारी सहित भारी संख्या में श्रद्धालु एवं ग्रामीण मौजूद थे।
