आदिवासियों का शोषण करती रही रमन सरकार – दीपक बैज
जगदलपुर :- प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद दीपक बैज ने कहा कि आदिवासियों को लंगोट में ही रखने का षड़यंत्र तो भाजपा ने कर रचा था। भाजपा कभी नहीं चाहती कि आदिवासी आर्थिक और शैक्षणिक रूप से आत्मनिर्भर बने। भाजपा आदिवासियों का और उनकी संस्कृति का हमेशा दमन करती आई है। भाजपा यदि आदिवासियों का हित चाहती, आदिवासी समाज का आरक्षण बिल 10 माह से ज्यादा समय से राजभवन में अटका नहीं रहता।
दीपक बैज ने कहा है कि कोर्ट ने आदिवासी समाज का आरक्षण 32 प्रतिशत से घटाकर 20 कर दिया था। कांग्रेस सरकार ने विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर आदिवासी समाज का आरक्षण फिर से 32 प्रतिशत किया, ओबीसी का आरक्षण 27 प्रतिशत, एससी का 13 प्रतिशत तथा ईडब्ल्यूएस का 4 प्रतिशत आरक्षण किया। यह आरक्षण संशोधन विधेयक भाजपा की साजिश के कारण 10 माह से राजभवन में रुका हुआ है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि रमन सरकार के 15 साल के दौरान सबसे ज्यादा पीड़ित, प्रताड़ित और शोषित आदिवासी वर्ग ही था। आदिवासियों के जल, जंगल, जमीन पर कब्जा करने के लिए उनके कानूनी अधिकारों का हनन करने का काम भाजपा सरकार करती रही। 15 सालों में रमन सरकार ने आदिवासियों की 90 हजार एकड़ से अधिक जमीन पूंजीपतियों को सौंप दी। आदिवासी वर्ग के शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, उनके मूलभूत जरूरतों को पूरा करने के लिए कोई काम नहीं किय। भाजपा ने 2003 में आदिवासियों को 10 लीटर दूध वाली गाय देने, हर आदिवासी परिवार से एक को सरकारी नौकरी का वादा किया था, उसे पूरा नहीं किया।भाजपा की सरकार के दौरान बस्तर के 600 से ज्यादा गांव उजाड़ दिए गए, तीन लाख से अधिक आदिवासियों को पलायन के लिए मजबूर किया गया। रमन सरकार ने 1379 फर्जी प्रकरण दर्ज करवा कर हजारों आदिवासियों को नक्सली बताते हुए जेल में डलवा दिया। हमारी कांग्रेस सरकार ने जस्टिस पटनायक कमेटी की रिर्पोट के आधार पर 900 से अधिक मामलों में हजारों निर्दोष आदिवासियों की रिहाई कराई। रमन सरकार आदिवासियों को जल, जंगल, जमीन के अधिकार से वंचित करती रही, लोहंडीगुड़ा में 1707 किसानों की 4200 एकड़ जमीन टाटा को सौंपने का काम किया। कांग्रेस की भूपेश सरकार देश की इकलौती सरकार है जिसने पूंजीपतियों से जमीन वापस लेकर आदिवासियों को लौटाई। भूपेश सरकार ने पांच लाख 18 हजार 617 वनाधिकार पट्टों के माध्यम से 1 करोड़ 4 लाख 21 हजार एकड़ जमीन आदिवासियों को दी। मोदी सरकार देश की पहली सरकार है जिसने 2014 के बाद अंधाधुंध कामर्शियल माइनिंग की अनुमति दी। मोदी सरकार नगरनार प्लांट को अपने पूंजीपति मित्र अडानी को सौंपने की साजिश कर रही है। दीपक बैज ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने आदिवासी वर्ग के चहुमुखी विकास के लिए रोजगार मूलक योजनाएं बनाई। रमन सरकार के समय बस्तर के हजारों स्कूलों को बंद किया गया था। भूपेश सरकार में बस्तर क्षेत्र में आदिवासी वर्ग की शिक्षा के लिए 354 से अधिक बंद स्कूलों को खोला गया। नक्सलवाद को खत्म करने के लिए विश्वास, विकास और सुरक्षा के नीतियों के तहत काम किया गया, जिसका नतीजा है कि नक्सली घटनाओं में 80 प्रतिशत कमी आई है।
