मोदी सरकार ने देश को तबाह कर डाला सचिन पायलट



रायपुर। कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट ने पत्रकारो से चर्चा करते हुए कहा कि भाजपा सरकार ने 10 वर्षों में गंभीर अन्याय कर जनता, लोकतंत्र और संविधान को गंभीर चोट पहुंचाई है। बेरोजगारी ने युवाओं के सपनों और भविष्य को चकनाचूर कर दिया है। कमरतोड़ महंगाई ने गरीबों और मध्यम वर्ग जीना दूभर कर दिया है। आय असमानता चरम पर है। चंद धनकुबेर व्यवस्था पर शासन कर रहे हैं। दलित, आदिवासी, पिछड़े वर्ग, अल्पसंख्यक और गरीबों के साथ भेदभाव व अत्याचार किया जा रहा है। किसानों के साथ धोखा हुआ है। महिलाओं के खिलाफ अपराध चरम पर हैं।
श्री पायलट ने कहा कि अपराधियों का महिमा मंडन किया जाता है। लोकतांत्रिक संस्थाओं को अधीन कर लिया गया है। चुनी हुई सरकारों को अवैध रूप से उखाड़ फेंकने के लिए विपक्ष के खिलाफ ईडी, सीबीआई, आईटी का इस्तेमाल हो रहा है। पूरे विपक्ष को निलंबित कर कानून बनाए जाते हैं। चीन की घुसपैठ को क्लीन चिट देकर राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डाला गया है। जुमलों, पीआर स्टंट, इवेंट के शोरगुल से नागरिकों के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक जीवन को नष्ट कर दिया गया है। 10 वर्षों में मोदी सरकार के अन्याय ने लोगों को भारी कष्ट सहने पर मजबूर कर दिया है। बेरोजगारों की संख्या तीन गुना हो गई है।2012 में 1 करोड़ बेरोजगार थे। अब यह आंकड़ा से 4 करोड़ तक पहुंच गया है। तीन में से एक ग्रेजुएट नौकरी की तलाश में है, लेकिन नहीं मिल रही है।

महंगाई ने तोड़ डाली कमर
महंगाई की मार से बचत नष्ट हो गई है। पेट्रोल, डीजल, एलपीजी, सीएनजी, आटा, दाल, चावल, खाद्यतेल, दूध सब कुछ महंगा हो गया है।आवश्यक वस्तुओं पर भी जीएसटी लगाया गया। घरेलू मोदी सरकार के 3 काले कानूनों ने किसानों को एक साल तक धरने पर बैठने मजबूर किया। देश में हर घंटे एक किसान आत्महत्या कर लेता है। एससी, एसटी, ओबीसी, अल्पसंख्यक के खिलाफ भेदभाव हो रहा है। 2013 के बाद से दलितों के खिलाफ अपराध में 46.11 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। आदिवासियों के खिलाफ अपराध में 48.15 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। मोदी सरकार जाति जनगणना से भाग रही है। एनसीआरबी से पता चलता है कि महिलाओं के खिलाफ अपराध अब सबसे अधिक है, 2022 में हर घंटे 51 एफआईआर दर्ज की गईं।
भाजपा बलात्कारियों को रिहा करती है। बृजभूषण शरण सिंह, कुलदीप सेंगर आदि आरोपियों और अपराधियों को बचती है।

अडानी के लिए 32 हजार करोड़ का घोटाला
कोविड-19 के दौरान अनियोजित लॉकडाउन में 4 करोड़ गरीब प्रवासियों को पैदल चलना पड़ा। शवों को गंगा में तैरते हुए छोड़ दिया गया। कोरोना से 47 लाख लोग मारे गए, जो सरकारी आंकड़ों से दस गुना अधिक है। विश्व में 3 में से 1 भारत में मारा गया। अर्थव्यवस्था में मैन्युफैक्चरिंग की हिस्सेदारी 2014 से गिर रही है और 2022 में 13 प्रतिशत के सर्वकालिक निचले स्तर पर पहुंच गई है। चीन से आयातित पुर्जे असेंबल कर मोबाईल फोन के मेक इन इंडिया का दावा कर रहे हैं। गलत जीएसटी और नोटबंदी से एमएसएमई पर ऊंची लागत का बोझ पड़ा है। पीएम मोदी ने बंदरगाहों और हवाई अड्डों पर एकाधिकार सौंपकर, उसे बिजली के लिए उपभोक्ताओं से अधिक शुल्क लेने और सेबी की नजर में अपने स्टॉक की कीमतें बढ़ाने के लिए इस चुराए गए पैसे का उपयोग करने की अनुमति देकर अडानी को भारत की लूट में मदद की है, जो कम से कम 32,000 करोड़ रुपए का घोटाला है। भारत में सबसे अमीर एक प्रतिशत के पास अब देश की कुल संपत्ति का 40 प्रतिशत से अधिक हिस्सा है। जबकि आधी आबादी के पास केवल 3 प्रतिशत संपत्ति है।

चीन ने हथियाई 2000 किमी जमीन
पीएम मोदी ने 19 जून 2020 को अपने बयान में न कोई हमारी सीमा में घुसा है का बयान देकर चीन को क्लीन चिट दे दी। यह हमारे सैनिकों का अपमान है। 2,000 वर्ग किमी के नए भारतीय क्षेत्र पर चीनी नियंत्रण हो गया है। पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे ने खुलासा किया कि अग्निपथ योजना को प्रधान मंत्री द्वारा सशस्त्र बलों पर थोपा गया है, जिसने हमारी सुरक्षा को कमजोर कर दिया है। कश्मीर में हमारे सैनिकों पर आतंकवादी हमले बढ़ रहे हैं। अरुणाचल प्रदेश, गोवा, कर्नाटक, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और मणिपुर में विपक्ष के नेतृत्व वाली राज्य सरकारें तब गिर गईं, जब भाजपा ने विधायकों को पाला बदलने हेतु विवश करते हुए धनबल और ईडी और सीबीआई का सहारा लिया। 2014 के बाद से ईडी और सीबीआई की 95 प्रतिशत जांच विपक्षी नेताओं के खिलाफ हुई है। चुनाव आयोग को दंतहीन बना दिया गया है। विवादास्पद कानूनों को बदलने के लिए संसद से जबरन 146 विपक्षी सांसदों को निलंबित कर दिया गया
मोदी सरकार, भाजपा और आरएसएस नहीं चाहते कि भारत के लोग वास्तविकता देखे। लेकिन भारत को अब अहसास हो गया है कि वह हमारे नेता राहुल गांधी जी के नेतृत्व में भारत जोड़ो न्याय यात्रा के माध्यम से आने वाले चुनावों में एकसाथ मिलकर शक्तिशाली तरीके से अपनी आवाज उठाएगा। पत्रवार्ता में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, प्रदेश प्रभारी सचिव सप्तगिरी शंकर उल्का, छत्तीसगढ़ सह प्रभारी विजय जांगिड़, मीडिया प्रभारी राधिका खेरा, पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम, वरिष्ठ कांग्रेस नेता ताम्रध्वज साहू, प्रभारी महामंत्री मलकीत सिंह गैदू, संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला, सुरेंद्र शर्मा उपस्थित थे।

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