नरवा विकास योजना की दिखने लगी उपलब्धि, पहड़ों से निकलने वाले नालों को मिला नया जीवन
कापसी (राजदीप शर्मा ):- नरवा विकास योजना के अंतर्गत राज्य सरकार ने वनांचल क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि प्राप्त की है इसी योजना के तहत वन परिक्षेत्र कापसी भू जल और हरियाली को बढ़ावा देते हुए रेंज अंतर्गत पहाड़ों से निकलने वाले नालों को पुनः जीवित करने का काम करते हुये वन विभाग के द्वारा जंगली जानवर की प्यास बुझाने एवं किसानों की उन्नत खेती कर आत्मनिर्भर बनाने के लिए.पहाड़ों से निकलने वाले नाला,जोरिया आदि पर चेकडैम,स्टाप डेम और मिनी तालाब का निर्माण कराया जा रहा है, ताकि कापसी परिक्षेत्र अंतर्गत क्षेत्र के किसानों को काफी फायदा हो.वे कृषि कार्य में आत्मनिर्भर हो जाएं.साथ ही वन का भी विकास होगा.तालाब में मछली पालन भी किया जा सकेगा और इससे जंगली जानवरों की प्यास भी बुझ जाएगी. जंगल में हरियाली बढ़ने से जंगली जानवरों से लोगों की परेशानी खत्म हो जाती है,योजना के तहत् कापसी रेंज में बनाए गए संरचनाओ ब्रश वुड चेक डैम,लूज बोल्डर चेक डैम,गोवियन सरंचना,मिट्टी चेक डैम,स्टाप डेम,डाबरी,तालाब तथा स्टेगर्ड कंटूर टेंच आदि निर्माण शामिल हैं। जंगल किनारे जो किसानों की खेती भूमि है उनकी जमीन मे बारिश के समय उनकी भूमि में रेती आने से फसल का पैदावार कम हो जाता है इसी मनसा से वन परिक्षेत्र कापसी द्वारा जंगली क्षेत्र में चेक डेम स्टाप डेम आदि का निर्माण किया जाता है ताकि किसानों को फसल पैदावार के समय अधिक लाभ मिल सकें जिसका जीता जागता उदाहरण कापसी रेंज अंतर्गत अंदरूनी इलाकों में देखा जा रहा हैं। जंगली क्षेत्र के रहने वाले ग्रामीणों के चहरे में खुशी देखी जा रही हैं । कापसी रेंज अंतर्गत सर्किल खैरकट्टा,डोटोमेटा,पखांजूर सर्किल में कराएं गए निर्माण कार्य चेक डेम,स्टाप डेम,गोबियन,डाबरी,तालाब का निर्माण होने से किसान आल सिंह नरेटी,अनिल साहू,भुवनेश्वर यादव,सतीश आदि ने बताया वन विभाग के द्वारा कराए गए निर्माण कार्य से फसल में पैदावार बढ़ेगा, साथ ही किसानों को आत्म निर्भर बनाने के लिए विभाग की योजना मिल का पत्थर साबित हो रही हैं।

जंगल में योजनाएं लागू होने से होते हैं कई लाभ : रेंजर
वन परिक्षेत्र अधिकारी कापसी देवदत्ता तारम ने कहा कि वनों में सरकारी योजनाओं को लागू किए जाने से जंगली जानवरों को आसानी से पीने का पानी मिल जाता है. किसानों को खेती-बाड़ी के लिए पानी मिल जाता है. उन्होंने कहा कि जंगल बचेंगे, तो जीवन भी खुशहाल होगा. पर्यावरण शुद्ध रहेगा. उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में कई और योजनाओं को धरातल पर उतारेंगे, जिससे जंगली जीव-जंतुओं के साथ-साथ जंगल के आसपास रहने वाले ग्रामीणों और किसानों को भी लाभ होगा.
