पखांजूर अस्पताल में आयुष्मान भारत योजना के प्रोत्साहन राशि के लाखो के भ्रष्टाचार पर विभाग की चुप्पी पर सवाल

छोटे कापसी(राजदीप शर्मा )- कोयलीबेड़ा विकशखण्ड के पखांजूर अस्पताल में भारत सरकार की महत्पूर्ण योजना आयुष्मान भारत द्वारा मिलने वाली प्रोत्साहन राशि जो मरीजों की सेवा में काम कर रहे उन सभी अधिकारी कर्मचारियों के द्वारा लगातार मेहनत किये जाने पर उनके लिए भारत सरकार द्वारा आयुष्मान कार्ड के पैकेज में प्रोत्साहन राशि का प्रावधान रखा गया है जिसपर पखांजूर में जमकर भ्रष्टाचार हुआ और जिन्होंने मेहनत किया काम किया उन्हें छोड़ कर साठ गांठ कर उस प्रोत्साहन राशि को चिह्नांकित कर कुछ विशेष लोगो को फायदा पहुंचाया गया इस मामले में जब मिडिया द्वारा जानकारी इकठी की गई तो कुछ ऐसे चीजे सामने आई जो इस प्रोत्साहन राशि की गड़बड़ी पर बहुत बड़ा सवाल खड़ा करता नजर आ रहा है मामला यह है की जब एक मरीज अस्पताल में भर्ती होता है उस मरीज से उसका कार्ड लेकर ऑपरेटर ऑनलाइन लॉक करता है फिर उसके बीमारी के हिसाब से उसके पैकेज पर काम शुरू होता है जिसमे उस मरीज के लिए उस वक़्त सेवा दे रहे डॉक्टर नर्स वार्ड बॉय आया और जुड़े सभी लोगो का प्रोत्साहन राशि के लिए नाम शामिल हो जाता है और उस पर स्थानीय खंडचिकित्स्य अधिकारी का मोहर लगता है फिर जिला चिकित्स्या अधिकारी फिर राज्य से मोहर लगकर सम्बंधित सभी के सेवा अनुसार प्रोत्साहन राशि उनके खातों में जमा हो जाता है अब सवाल ये है की अगर पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन और उच्च अधिकारियो के मोहर के बाद प्रोत्साहन राशि का बटवारा हुआ है तो आखिर लाखो का फर्जीवाड़ा कैसे हो सकता है जिसपर कुछ सवाल सामने ये आ रहे है जो जांच का विषय है यहाँ सारा भ्रष्टाचार कांग्रेस सरकार में हुआ जबकि अब भाजपा की सरकार है और भारत सरकार की योजना के भ्रष्टाचार में भाजपा को यहाँ जांच करना चाहिए जो आम लोगो की मांग है सबसे पहले जिस मरीज का इलाज जिन डॉक्टर नर्स वार्ड बॉय आया द्वारा किया गया उसकी दस्तावेज जो अस्पताल में है और जो ऑनलाइन ऑपरेटर द्वारा आयुष्मान भारत के साइड में चढ़ाया गया उसका मिलान करना आवश्यक है वरना काम कोई और नाम किसी और का होना ऑपरेटर के लिए ये काम साठ गाँठ पर काम करना बहुत आसान है वही दूसरी और जिन जिन लोगो के खाते में प्रोत्साहन राशि प्राप्त हुई उनकी राशि और उनके द्वारा किया गया मरीजों के केस में उनकी उपस्थिति का होना अस्पताल के रजिस्टर से मिलान कर जांच करना आवश्यक है जिन जिन डॉक्टरों का नाम मरीज के इलाज के पैकेज में जुड़ा है और प्रोत्साहन राशि का फायदा लिया गया है उस दिन उस मरीज के लिए डॉक्टर अस्पताल में उपस्थित थे या नहीं अस्पताल के रजिस्टर से और ऑपरेटर द्वारा प्रोत्साहन राशि प्राप्ति के लिए जो चढ़ाया गया मिलान करना आवश्यक है वही जानकारी अनुसार आयुष्मान कार्ड को मरीज से लेकर लॉक कराया जाता है और उन्ही से दवाइया बहार से खरीदवाया भी गया ऐसी सुचना भी मिलती है ? ऐसे में यहाँ प्रोत्साहन राशि का पूरा सूचि एक स्टाफ नर्स शिप्रा देवनाथ ने सालो से संभाले हुए रखा था अब उन्ही पर जिला से इस प्रोत्साहन राशि के गड़बड़ी पर कारण बताओ नोटिस थमा तो दिया पर जांच के नाम पर कांग्रेस सरकार में हुई गड़बड़ी की जांच भाजपा शासन में इतना लेट होना सबके समझ से बहार है ऐसे में लोगो का सवाल ये है की लाखो के भ्रष्टाचार पर शासन गंभीर क्यों नहीं और दोषियों पर कैसी कार्यवाही होगी जो बेखौफ भारत सरकार के योजना के राशि पर भ्रष्टाचार कर धज्जिया उड़ाई है आखिर जिला अधिकारी खामोश क्यों इस मामले में जिला अधिकारी से पूछे जाने पर बताया की मामला 2019-20 से अब तक का है जिसमे प्रत्येक केस की सर्टड़ी किया जा रहा है जुलाई के अंतिम तक जांच प्रतिवेदन शासन को भेज दिया जायेगा फिर आगे की कारवाही शासन स्तर से ही होंगी!!

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