दो दुधारू गायों को पागल कुत्ते ने काटा, दो गायों सहित एक बछिया की मौत

राजदीप शर्मा

छोटे कापसी। विवेकानंद नगर ग्राम पंचायत के गांव पीवी 04 में दो दुधारू गाय को पागल कुत्ते ने काटा। दो गाय एक बछिया की मौत होने से पूरे गांव में दहशत का माहौल है,खबर मिलते ही दो दिनों से स्वस्थ विभाग की टीम पंचायत कार्यालय में केम्प लगा कर सभी ग्रामीणों को वेक्सिनेशन किया जा रहा है आज तक तकरीबन दो सौ से अधिक लोगो जो रैबीज का पहला टिका लगाया गया है। गाय मालिक ने बताया कि मेरे द्वारा दूध सोसायटी के संचालक को बताया था कि मेरी गाय को कुत्ते के काटा है उसका जड़ीबूटी वाला इलाज चल रहा है क्या मैं दूध सोसायटी में बेचा सकता हूं, सोसायटी संचालक ने बताया कि कोई दिक्कत नही है है गाय का इलाज तो चल रहा है। आप दे सकते हो तो मैंने लोगों की जानकारी में देकर ही दूध दिया। और जिस दिन गांव में पूजा हुई मेरी गाय ने दूध नही दिया परंतु मेरे चाचेरे भाई ने दूध दिया था उसकी गाय को भी कुत्ते ने काटा था। गाय के मालिक ने बताया कि दोनों गाय रोजना 2-2 लीटर दूध देती थी जिसे हम रोजना सोसायटी में बेचते थे।

गाय मालिक के परिवार ने अब तक गांव के लोगों को बिना बताया दो रैबीज के टिका पखांजुर जा कर लगवा लिया। गाय के मालिक ने बतलाया कि मेरी एक गाय को दो साल पहले भी कुत्ते ने काटा था वह आज तक जड़ीबूटी इलाज से जीवित है परंतु उसका बछड़ा मर गया वह दूध नही देती है,उसी करण मैंने इसका भी जड़ीबूटी वाला इलाज करवा रहा था। ठीक नही होने पर मैंने कापसी पशु डॉक्टर से संपर्क किया तो विभाग के एक कर्मचारी आये और बताए अब बहुत देर हो चुकी है अब काम नही होगा। इसमें रैबीज फैल चुका है। परंतु कापसी पशु विभाग से संपर्क करने पर बताया गया कि हमारे द्वारा कोई इलाज नही किया गया,हमे दो बुधवार को पता चला उसके बाद जा कर अन्य बची गाय को वेक्सिनेशन किया गया।

पीवी 04 दूध सोसायटी संचालक सुदर्शन हालदार ने बताया दूध सोसायटी मेरी चाची के नाम पर है पूरा देखरेख मैं करता हूं मुझे गाय मालिक अजित मंडल ने नही बताया कि उसकी गाय को कुत्ते ने काटा है,उसका पता तो गाय मारने के बाद ही चला।

ग्रामीणों ने बताया कि गाय को रैबीज का सिम्टम दिखाई दिया तो यह बहुत ही चिंताजनक बात है क्योंकि दूध स बने छीनी प्रसाद को लगभग गांव के पूरे लोगो ने ग्रहण किया है। उनका दूध सॉस6 के माध्यम से पीवी 4 होते हुए पखांजुर और फिर देवभोग भेजा जाता है। हम सब गांव वाले दहस5 में है। शासन प्रशासन से मांग है कि इस ज्वलंतसील समस्या से हमें निजात दिलाई जाए और लापरवाही बरतने वाले पर उचित कार्यवाही हो।

इस संबंध पर प्रीतिलता दास आरएमए कापसी ने बतलाया कि रैबीज फैलने से उसका कोई इलाज नही है,सुरक्षा की दृष्टि से वेक्सिनेशन किया जा सकता है। सभी को 3 से 5 रैबीज का टिका लगवाना अनिवार्य है। कुत्ते काटने के जल्द ही रैबीज का टीका लगवाना पड़ता है अन्यथा देर होने पर कोई इलाज नही है। पहला टिका के बाद दूसरा तीसरे दिन,तीसरा टिका सातवें दिन,और चौथा अठाईस दिन में लगवाना अनिवार्य है।

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