लाखों के पेंगोलीन सिल्क सहित चार आरोपियों को वन विभाग ने किया गिरफ्तार
छोटे कापसी(राजदीप शर्मा ):- पेंगोलीन सिल्क को बेचने के फिराक में घूम रहे चार तस्करों को वन विभाग ने धर दबोचने में सफलता हासिल किया है। चारों तस्कर पेंगोलीन सिल्क बेचने के लिए कापसी क्षेत्र में घूम रहे थे इसी दौरान उन तस्करों को पखांजूर भानुप्रतापपुर पीवी 31 के पास से मोटर सायकल और पेंगोलीन सिल्क सहित वन विभाग ने गिरफ्तार किया है। पेंगोलीन सिल्क की क़ीमत अंतराष्ट्रीय बाजार में लाखों की बताई जा रही है।
वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार सुचना मिली थी की कापसी परिक्षेत्र में पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र धनोरा से कुछ लोग पेंगोलीन के सिल्क को बेचने के लिए घूम रहे हैं। जानकारी मिलते ही वनमण्डलाधिकारी भानुप्रतापपुर, एसडीओ कापसी ने रेंजर देवदत्त तारम के नेतृत्व में दल का गठन किया। वन विभाग के दल ने सभी तस्करों को 26/12/2024 की रात 10.30 बजे के आसपास धर दबोचा। पकड़े गए आरोपियों में सुधीर रामजी रामटेके पिता रामजी रामटेके, जाती महार उम्र 52 वर्ष निवासी रामनगर गड़चिरोली महाराष्ट्र, विजय मंडल पिता रविंद्र मंडल जाती नमोशूद्र, उम्र 37 वर्ष, निवासी पीव्ही 125 बैकुंठपुर पखांजूर जिला कांकेर, राधाकृष्ण सरकार पिता तारिणी सरकार उम्र 48 वर्ष जाती नमोशूद्र निवासी शाखरा तहसील धनोरा जिला गडचिरोली महाराष्ट्र, अनिल रितेशवर कुमरे पिता रिसेश्वर कुमरे उम्र 58 वर्ष जाती गोंड निवासी सावरगांव जिला गड़चिरोली महाराष्ट्र के पास से एक प्लास्टिक सफ़ेद रंग के बोरी में वन्य प्राणी पेंगोलीन अव्यव (स्कील ) 13.162 किलोग्राम दो मोटर सायकल से अवैध रूप से परिवहन करते रंगे हाथ पकड़ा गया।
आरोपियों के विरुद्ध की गई कार्यवाही – देवदत्त तारम
इस संबंध में वन परिक्षेत्र अधिकारी ने बताया की पकड़े गए सभी आरोपियों के खिलाफ वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 9. धारा 51 एवं 52 के तहत वन अपराध प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया हैं।
सुचना के आधार पर की गई गिरफ्तारी – वनमण्डलाधिकारी
इस संबंध में वनमण्डलाधिकारी पश्चिम भानुप्रतापपुर हेमचंद पहारे ने बताया की इनपुट के आधार पर पतासाजी के दौरान चार तस्करों को रंगे हाँथ पकड़ने में सफलता मिली हैं, इनके गिरोह के अन्य साथियों की गिरफ्तारी होने की सम्भवना हैं।
