बारह दिनों से हड़ताल में डटे पंचायत सचिव, सरकार के कान में नही रेंग रहा जूँ
राजदीप शर्मा
छोटे कापसी। मोदी की गारंटी पूरी नहीं होने पर प्रदेश पंचायत सचिव संघ के तत्वाधान में 17 मार्च से पिछले 12 दिनों से ब्लाक कोयलीबेड़ा के सेकड़ो पंचायतों के सचिव काम बंद कलम बंद कर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे हैं। प्रदेश सचिव संघ ने भाजपा सरकार के सौ दिन के भीतर टीम गठित कर नियमितीकरण के वादे को लेकर सरकार के खिलाफ धरना देकर आवाज उठा रहे. सरकार के अल्टीमेटम के बाद भी कोयलीबेड़ा ब्लॉक सचिव संघ ने राज्य सरकार के आदेश की कॉपियां जलाई और अपनी मांगों को लेकर 11 वे दिन मे सचिव ने मोदी की गारंटी लिखी वाली नीले रंग वाली टी शर्ट पहने कर विरोध प्रदर्शन कर हड़ताल खत्म नहीं करने की बात कही। ब्लाक सचिव संघ के अध्यक्ष समेत सचिवों ने मांग पूरी नहीं होने पर हड़ताल खत्म नही करने की चेतावनी दी।

पंचायत सचिव संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि 2023-24 के विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा ने मोदी की गारंटी नाम से एक चुनावी घोषणा पत्र जारी किया था, जिसमें यह वादा किया था कि छत्तीसगढ़ में भाजपा की सरकार बनने पर सभी पंचायत सचिवों का नियमितीकरण किया जाएगा, लेकिन एक वर्ष बीतने के बावजूद इस संबंध में कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।
पंचायत सचिवों ने बताया कि वे ग्रामीण अंचल के प्रत्येक गांव के अंतिम छोर तक शासन और प्रशासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं। इसके अलावा चुनाव प्रक्रिया के दौरान भी पंचायत सचिवों को जिम्मेदारी दी थी, जिसे उन्होंने पूरी निष्ठा से निभाया, लेकिन अब सचिवों के हड़ताल पर जाने के कारण ग्राम पंचायतों में लोगों को विभिन्न मूलभूत सुविधाओं के लिए कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे जनप्रतिनिधियों और गांववासियों को समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। सचिवों ने यह भी कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा है, लेकिन भाजपा सरकार द्वारा उनकी नियमितीकरण की एक सूत्रीय मांग पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है, जिससे वे मानसिक तनाव का सामना कर रहे हैं।
सचिवों ने कहा – लगभग 30 साल से हो रही हमारी अनदेखी,मांग पूरी होने तक करेंगे प्रदर्शन पंचायत सचिवों ने यह भी बताया कि शासन के विभिन्न विभागों में कार्यरत कर्मियों का नियमितीकरण पहले ही किया जा चुका है, लेकिन 25-30 वर्षों से काम करने वाले पंचायत सचिवों का नियमितीकरण अभी तक नहीं किया गया, जो चिंता का विषय है। कोयलिबेड़ा पंचायतों के सचिवों ने पखांजूर तहसील कार्यालय के सामने कर्मचारी दुर्गा उत्सव समिति (मंच,प्रांगण) मे अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन पर बैठे है। उनका कहना है कि जब तक उनकी नियमितीकरण की मांग पूरी नहीं की जाती, तब तक वे काम बंद कर कलम बंद धरने पर बैठे रहेंगे।
