पहले खतरे के साये में चलता था आंगनबाड़ी केंद्र, अब चल रहा किराए के कमरे में

बकावंड। विकासखंड बकावंड की ग्राम पंचायत गिरोला के आश्रित ग्राम डूरकाबेड़ा में संचालित आंगनबाड़ी केंद्र का भवन पूरी तरह से जर्जर हो चुका है। संभावित खतरे को देखते हुए सुरक्षा की दृष्टि से पिछले तीन महीनों से केंद्र को किराए के कमरे में स्थानांतरित कर दिया गया है।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता द्वारा फिलहाल गांव के एक अस्थायी कमरे में करीब 12 नन्हे बच्चों को पोषण आहार, प्रारंभिक शिक्षा और अन्य गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है। लेकिन सीमित स्थान और संसाधनों की कमी के चलते बच्चों की सुविधा और सीखने का माहौल प्रभावित हो रहा है।ग्रामीणों ने बताया कि बरसात के दौरान जर्जर भवन की स्थिति और भी भयावह हो गई थी, दीवारों में दरारें और छत से पानी टपकने के कारण किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता था। इसी वजह से बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर केंद्र को अस्थायी रूप से स्थानांतरित किया गया है।अब ग्रामीणों के मन में सवाल है कि क्या विभाग मौसम खुलने के बाद नया भवन बनवाएगा या फिर इस स्थिति को अनदेखा कर दिया जाएगा? ग्रामीणों ने प्रशासन और महिला एवं बाल विकास विभाग से मांग की है कि बच्चों के सुरक्षित भविष्य के लिए जल्द से जल्द नया आंगनबाड़ी भवन स्वीकृत कर निर्माण कार्य शुरू कराया जाए।

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