हथिया ली श्मशान घाट की जमीन, विरोध में उतर आए ग्रामीण
बकावंड। विकासखंड बकावंड की ग्राम पंचायत कौड़ावंड में स्थित मरघट की जमीन को एक व्यक्ति द्वारा कथित रूप से हथिया लिए जाने को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। इस मुद्दे को लेकर ग्रामीणों ने एसडीएम बकावंड को ज्ञापन भी सौंपा है।
बताया गया है कि खसरा नंबर 1464 (पुराना खसरा नंबर 119) की भूमि पहले श्मशान घाट एवं प्लांटेशन के लिए आरक्षित रखी गई थी और राजस्व रिकॉर्ड में भी यही प्रयोजन दर्ज रहा है। अब यह जमीन एक व्यक्ति के नाम पर दर्ज कर दी गई है। ग्रामीणों के अनुसार यह भूमि आत्माराम पिता ईश्वर प्रसाद ब्राम्हण के नाम पर दर्ज है। आत्मानंद द्वारा दावा किया गया है कि उन्होंने उक्त भूमि की खरीदी की है। मामले में यह भी बताया गया कि राजस्व अभिलेखों में हेराफेरी कर भूमि को निजी नाम पर दर्ज किया गया, जबकि यह शासकीय भूमि है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि आत्माराम का इस भूमि पर कभी वास्तविक कब्जा नहीं रहा है, फिर भी राजस्व विभाग के दस्तावेजों में फर्जी तरीके से जमीन का नामांतरण कर दिया गया है। इस कृत्य में राजस्व विभाग के पटवारी, रेवेन्यू इंस्पेक्टर आदि की भूमिका भी संदेह के दायरे में आ गई है।सोमवार को गांव के ग्रामीणों, सरपंच एवं जनपद सदस्य ने मिलकर एसडीएम बकावंड मनीष वर्मा को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई है कि खसरा नंबर 1464 (पुराना 119) की जमीन कथित खरीदी बिक्री व नामांतरण की बारीकी से जांच कराई जाए तथा भूमि का पट्टा निरस्त कर पुनः सार्वजनिक उपयोग श्रेणी में भूमि को दर्ज किया जाए, ताकि गांव की श्मशान घाट और सार्वजनिक सुविधा प्रभावित न हो। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र जांच कर कार्रवाई नहीं की गई, तो वे आंदोलन का रुख अपनाने को विवश होंगे।
