रोक के बाद भी जारी है संलग्नीकरण का खेल
बकावंड। विकासखंड बकावंड की ग्राम पंचायत बेलपुटी से लोकप्रिय शिक्षक विघ्नेश्वर को हटाकर मालगांव छात्रावास में संलग्न करने से बेलपुटी के ग्रामीण नाराज हो उठे हैं। ग्रामीण मांग कर रहे हैं कि शिक्षक विघ्नेश्वर को बेलपुटी की शाला में ही पदस्थ रखा जाए। वहीं संलग्नीकरण पर शासन स्तर से रोक लगी रहने के बावजूद अधिकारी अपनी मर्जी चलाते हुए संलग्नीकरण करते चले जा रहे हैं। इसके पीछे लेनदेन होने की भी चर्चा है।
शिक्षक विघ्नेश्वर के तबादले के बाद बेलपुटी का शौरागुडा विद्यालय अब शिक्षक विहीन हो गया है। जो कि वहां के ग्रामीणों और पालकों के साथ छल करने जैसा है। विदित हो कि ट्रायबल छात्रावासों में आयुक्त की सहमति के साथ डीईओ की अनुशंसा के बाद बीईओ द्वारा सहमति दी जाती है कि उस शिक्षक के जाने के बाद शिक्षण व्यवस्था ठीक रहेगी। इसके बाद ही किसी शिक्षक को हटाया जाता है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि बिना छानबीन के शिक्षक विघ्नेश्वर को छात्रावास में संलग्न करने हेतु आखिर किसकी कुंठित मानसिकता रही होगी? एक अनुभवी शिक्षक को हटा कर उनकी जगह महिला शिक्षक को आखिर क्या सोच कर पदस्थ किया गया है? जानकारी के अनुसार संलग्नीकरण पर शासन स्तर से रोक लगी हुई है। इसके बाद भी बस्तर जिले में निचले स्तर पर अधिकारी संलग्नीकरण का खेल खेल रहे हैं। अधिकारी अपने चहेते शिक्षक शिक्षिकाओं को उनकी पसंद की शालाओं में पदस्थ करने के लिए ऐसा हथकंडा अपनाते हैं। सूत्र बताते हैं कि इस खेल की आड़ में जमकर लेनदेन भी चलता है।
