सीज की जा चुकी पोकलेन मशीन से रेत का अवैध खनन!



-अर्जुन झा-
बकावंड। रेत माफियाओं पर सख्ती के सरकारी दावों के बीच बस्तर की बेलगांव ग्राम पंचायत से चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां माइनिंग विभाग द्वारा सीज की गई पोकलेन मशीन पर रेत माफियाओं ने फिर से कब्जा कर लिया है और इसी मशीन से उन्होंने फिर रेत का अवैध खनन शुरू कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि खनिज विभाग के अधिकारियों के संरक्षण के बगैर रेत माफिया ऐसा दुस्साहस हरगिज नहीं कर सकते। विभागीय संरक्षण के चलते ही बकावंड विकासखंड में रेत माफियाओं के हौसले आसमान की बुलंदियों तक पहुंच चुके हैं।
सूत्रों के मुताबिक क्षेत्र में लंबे समय से अवैध रेत उत्खनन जारी है। पूर्व में विभागीय टीम ने मौके पर पहुंचकर एक पोकलेन मशीन को सीज किया था, लेकिन इसके बावजूद उसी मशीन के फिर से चालू होने की चर्चा अब प्रशासनिक तंत्र पर सवालिया निशान लगा रही है। यदि सीज की गई मशीन दोबारा उसी अवैध कार्य में उपयोग में लाई जा रही है, तो यह न केवल नियमों की खुली अवहेलना है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि कहीं न कहीं निगरानी व्यवस्था में बड़ी चूक हो रही है या फिर किसी स्तर पर मिलीभगत की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता। मामले की जानकारी मिलने के बाद जब माइनिंग विभाग की टीम पुनः मौके पर पहुंची और मशीन को जब्त करने का प्रयास किया गया, तब ग्रामीणों द्वारा विरोध किए जाने की सूचना है।

जिला प्रशासन को चुनौती
विकासखंड बकावंड में सक्रिय रेत माफियाओं को किसी का भी डर नहीं रह गया है। इससे पहले इधर खनिज विभाग की टीम के कार्रवाई करने के बाद लौटते ही रेत माफियाओं ने फिर से अपना कारनामा शुरू कर दिया था। रेत माफिया अब बस्तर जिला प्रशासन को सीधी चुनौती दे रहे हैं। कुछ दिन पहले खनिज विभाग के अधिकारी ने पोकलेन और अन्य वाहनों को जप्त किया था। इस कार्रवाई के कुछ देर बाद ही उसी रात और उसी जगह पर भोर तीन बजे तक अवैध रेत खनन बेखौफ चलता रहा। ब्लॉक के बनियागांव के पास बोरगांव में उड़ीसा सीमा से भास्कली नदी पर रातभर खनन होता रहा। कुछ ग्रामीण जब इस अवैध कृत्य को अपने कैमरों में कैद करने लगे तो करने रेत माफियाओं ने उन्हें धमकी दी। ग्रामीणों ने एक स्वर में कहा है कि मिलीभगत के बिना ऐसे इस बेतहाशा रेत खनन संभव नहीं है।

क्या कलेक्टर करेंगे छापेमारी?
जानकारी मिली है कि नगरनार स्टील प्लांट में काम कर रहे बड़ी कंपनी को बहुत ज्यादा रेत की जरूरत पड़ती है और वे मोटी एडवांस राशि देकर कुछ ग्रामीणों से रेत खनन कराते हैं। रेत माफियाओं को न तो कार्रवाई का डर है और न ही प्रशासन का। वे खुलेआम प्रशासन को चुनौती देते हुए रेत निकाल रहे हैं। बकावंड विकासखंड में सुशासन पर प्रशासन किस कदर हावी है इसका उदाहरण रेत माफिया द्वारा लगातार खनन है। ग्रामीणों से मिली जानकारी की रेत खनन में काम आने वाली जेसीबी पोकलेन मशीन और हाइवा ट्रक आदि माइनिंग विभाग द्वारा ही उपलब्ध कराए जाते हैं।संभवतः इसी कारण उसकी पोकलेन की जप्ती दिखावे के लिए की गई और स्मगलरों ने पुनः उन्हीं उपकरणों की मदद से रेत का खनन और परिवहन फिर शुरू कर दिया है। लगता है अब कलेक्टर आकाश छिकारा छापेमारी करेंगे, तभी खनिज विभाग की पोल खुलेगी।

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