कक्षा छोड़कर कुर्सी संभाल रहे शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से उनके मूल संस्था में भेजा जाए- विजय झाड़ी

बीजापुर:- अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार रक्षक
जिला इकाई बीजापुर के अध्यक्ष विजय झाड़ी ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि बीजापुर जिले के दूरस्थ आदिवासी गांवों में सरकारी स्कूलों की हालत बेहद दयनीय हो गई है। छोटे-छोटे बच्चे स्कूल जाते हैं तो शिक्षक ही नहीं मिलते। पढ़ाई ठप पड़ी है।
दूसरी तरफ जिले के DEO, AC, BEO, BRC, DMC, मंडल संयोजक, APC, CSC और अधीक्षक जैसे विभिन्न प्रशासनिक कार्यालयों में बड़ी संख्या में शिक्षकों को प्रतिनियुक्ति (deputation) पर तैनात किया गया है। इनमें कई शिक्षक लिपिक (क्लर्क), डाटा एंट्री ऑपरेटर और अन्य गैर-शिक्षण कार्यों में लगे हुए हैं।
सबसे गंभीर बात तो यह है कि इन शिक्षकों को बिना किसी शिक्षकीय कार्य (क्लासरूम टीचिंग) के शिक्षक के रूप में अनुचित प्रमोशन दिए जा रहे हैं, जो छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा सेवा नियमों (2019) और NCTE दिशा-निर्देशों का स्पष्ट उल्लंघन है। विजय झाड़ी ने यह भी कहा कि “शिक्षक की असली जगह कक्षा है, न कि कार्यालय की कुर्सी।” जिसका परिणाम यह हो रहा है कि दूरस्थ गांवों के स्कूल शिक्षकविहीन हो गए हैं।शिक्षक-छात्र अनुपात पूरी तरह बिगड़ चुका है। आदिवासी बच्चों का शैक्षणिक भविष्य अंधकारमय होता जा रहा है।
आम जन मानस में भी यह चर्चा होने लगी है कि जब शिक्षक कार्यालयों में फाइलें दबा रहे होंगे, तो गांव के बच्चों को कौन पढ़ाएगा? आदिवासी बच्चों का भविष्य कौन बचाएगा?
विजया झाड़ी ने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि DEO, AC, BEO, BRC, DMC, मंडल संयोजक, APC, CSC, अधीक्षक आदि कार्यालयों में प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत सभी शिक्षकों को तुरंत उनके मूल विद्यालयों में वापस भेजा जाए। लिपिक, डाटा एंट्री ऑपरेटर और गैर-शिक्षण कार्य कर रहे शिक्षकों को भी बिना देरी के स्कूलों में लौटाया जाए। बिना शिक्षकीय कार्य के दिए जा रहे अनुचित प्रमोशन पर तुरंत रोक लगाई जाए और सरकारी नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए। पूरे जिले में शिक्षकों की कमी का तत्काल सर्वेक्षण कर खाली पदों पर भर्ती या समायोजन किया जाए। शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन इस पूरे मामले की समीक्षा कर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करें।
इसके साथ ही विजय झाड़ी ने जिला प्रशासन, शिक्षा विभाग और सभी जनप्रतिनिधियों से अपील करते हुए कहा हैं कि वे इस गंभीर मुद्दे को तुरंत प्राथमिकता दें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *