पदोन्नति में टी संवर्ग कर्मचारियों से भेदभाव



बीजापुर। शिक्षा विभाग अंतर्गत बीजापुर जिले में कार्यरत टी – संवर्ग कार्यालयीन कर्मचारियों ने दंतेवाड़ा में बस्तर सांसद महेश कश्यप से मुलाकात कर अपनी समस्याओं के निराकरण की मांग करते हुए उन्हें ज्ञापन सौंपा।
सांसद महेश कश्यप को सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि ट्राइबल विभाग से संविलयन होकर शिक्षा विभाग में आए टी संवर्ग के लिपिक, डाटा एंट्री ऑपरेटर, भृत्य की पदोन्नति पदस्थापना हेतु पद संरचना स्वीकृति राजपत्र जारी करने अथवा कार्यालयीन कर्मचारियों हेतु “ई” एवं “टी” संवर्ग का बंधन समाप्त करने की पहल करें। कर्मचारियों ने कहा कि वर्ष 2015 में शासन द्वारा आदिम जाति कल्याण विभाग की सभी शालाओं एवं खंड शिक्षा कार्यालयों को स्कूल शिक्षा विभाग में समायोजन किया गया है। समायोजन उपरांत ट्राइबल विभाग से आए कर्मचारियों को “टी” संवर्ग एवं स्कूल शिक्षा विभाग के कर्मचारियों हेतु “ई” संवर्ग नाम दिया गया है। “टी” संवर्ग हेतु आदिम जाति कल्याण विभाग के नियुक्ति, पदोन्नति एवं “ई” संवर्ग हेतु स्कूल शिक्षा विभाग के नियुक्ति, पदोन्नति नियमों का पालन करने हेतु निर्देश जारी किया गया है। साथ ही विसंगतिपूर्ण व्यवस्था की ओर ध्यान दिलाते बताया गया है कि कार्यालयीन कर्मचारियों जैसे लिपिक, डाटा एंट्री ऑपरेटर, भृत्य की नियुक्ति, पदोन्नति नियम शासन द्वारा समस्त विभागों में एक समान निर्धारित किया गया है, मगर उक्त कर्मचारियों को “ई” एवं “टी” में विभक्त कर पदोन्नति इत्यादि से वंचित करते हुए दोनों संवर्ग के मध्य भेदभाव की स्थिति निर्मित कर दी गई है। शासन द्वारा स्कूल शिक्षा विभाग में समायोजन करने के उपरांत लगभग 9 वर्ष बीतने के बाद भी कार्यालयीन कर्मचारी टी सवंर्ग हेतु शासन से स्पष्ट निर्देश या राजपत्र आज तक जारी नही किया गया है जिससे “ई” संवर्ग एवं “टी” संवर्ग की पदोन्नति पृथक-पृथक की जा रही है। जिसके कारण वरिष्ठ होते हुए भी कई कर्मचारियों को पदोन्नति से वंचित होना पड़ रहा है। “टी” संवर्ग में हाई स्कूल – हायर सेकंडरी व खंड शिक्षा कार्यालय में सहायक ग्रेड-02 के उपरांत कोई भी पद लिपिक कर्मचारियों हेतु स्वीकृत नही है जबकि “ई” संवर्ग हेतु अधीक्षक, सहायक ग्रेड-01 एवं कनिष्ठ लेखा परीक्षक के पद स्वीकृत हैं। इसी प्रकार आदिम जाति कल्याण विभाग से स्कूल शिक्षा विभाग में समायोजित “टी” सवंर्ग डाटा एंट्री ऑपरेटर हेतु पृथक से कोई पद स्वीकृत नहीं किया गया है, जबकि “ई” संवर्ग हेतु एमआईएस प्रशासक का पद तय है। बताया गया है कि समायोजन से पूर्व आदिम जाति कल्याण विभाग में कार्यरत लिपिक कर्मचारियों को सहायक ग्रेड-02 से पदोन्नत कर सहायक ग्रेड-01 एवं लेखा प्रशिक्षित को कनिष्ठ लेखा अधिकारी एवं लिपिक पद से योजना अनुसंधान सहायक के पद पर पदोन्नति व विभागीय परीक्षा के माध्यम से मंडल संयोजक, लेखापाल से सहायक सांख्यिकीय अधिकारी पद पर नियुक्ति का प्रावधान था। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा “टी” संवर्ग के कर्मचारियों हेतु सहायक ग्रेड-02 के उपरांत किसी प्रकार के पद में पदोन्नति एवं नियुक्ति का प्रावधान नहीं किया गया है, जिसके कारण लिपिक सहायक ग्रेड-02 के उपरांत अन्य विभागीय पदों में नियुक्ति एवं पदोन्नति हेतु पात्रता रखते हुए भी उक्त पदों में नियुक्ति व पदोन्नति से वंचित हो रहे हैं। इस संबंध में पूर्व में भी कई बार विभिन्न माध्यमों से पत्राचार करनेके बावजूद आज तक किसी प्रकार का निर्णय नहीं लिया गया है। कर्मचारियों ने सांसद श्री कश्यप से आग्रह किया है कि पदोन्नति व पोस्टिंग में टी व ई संवर्ग के बीच का भेदभाव खत्म करते हुए समान अवसर प्रदान किया जाए।

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