बस्तर दशहरा की सभी रस्मों में बस्तर सांस्कृतिक सुरक्षा मंच के स्वयंसेवकों ने निभाई अहम भूमिका
जगदलपुर। विश्वप्रसिद्ध बस्तर दशहरा की विभिन्न रस्मों एवं धार्मिक आयोजनों में बस्तर सांस्कृतिक सुरक्षा मंच के लगभग 350 स्वयंसेवकों ने सक्रिय सहभागिता निभाते हुए महत्वपूर्ण भूमिका अदा की। पर्व की शुरुआत से लेकर माँ मावली एवं माँ दंतेश्वरी के छत्र डोली की विदाई तक स्वयंसेवक पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ व्यवस्थाओं में जुटे रहे।
बस्तर दशहरा में शामिल होने दूर दराज के गाँवों से आए देवी देवताओं एवं उनके सेवकों को व्यवस्थित रूप से निर्धारित स्थानों तक पहुँचाने,श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने तथा धार्मिक रस्मों के सुचारु संचालन में स्वयंसेवकों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। पूरी श्रद्धा,अनुशासन और सेवाभाव के साथ उन्होंने अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया,जिससे आयोजन की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने में सहयोग मिला।

माँ मावली एवं माँ दंतेश्वरी के छत्र डोली की विदाई के भावुक क्षणों में मंच के सभी स्वयंसेवकों ने साष्टांग प्रणाम कर आराध्य देवियों के प्रति अपनी अगाध श्रद्धा एवं आस्था प्रकट की। बस्तर सांस्कृतिक सुरक्षा मंच के स्वयंसेवकों की यह सहभागिता बस्तर की अनूठी संस्कृति,परंपराओं एवं धार्मिक विरासत के संरक्षण के साथ साथ विश्वप्रसिद्ध बस्तर दशहरा की गरिमा बनाए रखने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
