पिछले तीन वर्षों से चल रहा शौचालय का निर्माण , सरपंच सचिव की लापरवाही से आज पर्यंत भी है अधूरा, विद्यालय के छात्र कर रहे असहज महसूस, शिक्षक चिन्तित

छोटे कापसी (राजदीप शर्मा) – कोयलीबेड़ा ब्लाक में शिक्षा के मंदिर को सहेजने में भी कोताही बरती जा रही है। इसका उदाहरण गोंडाहुर क्षेत्र के जयपुर (पीवी 51) का प्रथामिक शाला है। अधूरा शौचालय से पठन-पाठन प्रभावित है। बच्चे जहां अपने को असहज महसूस कर रहे वहीं शिक्षकों को बच्चे के भविष्य की चिंता सता रही है। हालत यह है कि इस स्कूल में पिछले तीन वर्ष से शौचालय का निर्माण हो रहा लेकिन अभी तक ग्राम पंचायत की लापरवाही के चलते पूरा नहीं हो सका है।

जयपुर पीवी 51 प्राथमिक शाला में 41 छात्र पंजीकृत हैं। यहां तैनात शिक्षक व छात्र तमाम दुश्वारियां झेल रहे हैं। हालत यह है कि इस विद्यालय का शौचालय निर्माण नहीं हुआ है। शिक्षक मृनाल क्रंति बाला का कहना है कि इस संबंध में वे कई बार ग्राम पंचायत सरपंच,सचिव से कह चुकी हैं लेकिन,ध्यान ही नहीं दिया जा रहा है। स्कूल में बच्चों व शिक्षकों के लिए शौचालय बनाने का कार्य वर्ष 2020 फरवरी में जनपद पंचायत सीईओ के मौखिक आदेश पर पुराने जर्जर शौचालय को तोड़ कर ग्राम पंचायत के द्वारा नया बनाना शुरू हुआ लेकिन अभी तक पूरा नहीं हो सका। शौचालय निर्माण का कार्य भी अधूरा ही छोड़ दिया गया है और मौजूदा समय में इसका भी कार्य बंद है। इससे पठन-पाठन का माहौल तो खराब होता ही है,,इमरजेंसी में शौच के लिए शिक्षकों को दूसरों के घरों में जाना पड़ता है। स्कूली छात्र जय मजूमदार ने बताया कि शाला में शौचालय नही होने से हमें शौच के लिए पढ़ाई को बीच छोड़कर घर जाना पड़ता है। जिससे हमें और शिक्षकों को परेशानियों का सामना करने पड़ रहा है। शासन प्रशासन स हमारी मांग है कि जल्द से जल्द शौचालय का निर्माण करवाया जाए ताकि हम पढ़ाई लिखाई कर अपना भविष्य गढ़ सके।

छात्र युवा मंच एवं ग्रामीणों ने शौचालय निर्माण करवाने के लिए सामूहिक रूप से जंप कोयलीबेड़ा सीईओ को आवेदन दे कर अधूरे पड़े शौचालय का निर्माण करवाने का लेख लिखा है।

इस विषय पर जंप कोयलीबेड़ा सीईओ आशीष डे ने बतलाया कि मैं तत्काल ग्राम पंचायत सचिव से जानकारी लेता हूं की किस मद से निर्माण किया जा रहा था एवं अब तक क्यू नही बना।

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