विधायक के बयान का कटाक्ष कर पूर्व सांसद विक्रम उसेंडी ने किया पलटवार, चार साल के कार्यकाल में एक भी पीएम आवास बनाया हो तो बताए
छोटे कापसी(राजदीप शर्मा) – लगातार वार पलटवार पर पूर्व सांसद विक्रम उसेंडी ने प्रेसनोट जारी कर विधायक अनूप नाग के बयान का पलटवार करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत प्रदेश के आवास विहीन लोगों को आवास बनाकर दिया जाना था। प्रदेश के लगभग आठ लाख लोगों के लिए आवास नहीं बनाया जा सका है, आठ लाख घर बनाने में करीब 10 करोड़ राशि की आवश्यकता होगी। हमारे जन घोषणा पत्र में छत्तीसगढ़ के 36 लाख अंतर्गत ग्रामीण आवास का लक्ष्य का अधिकार प्रमुख रूप से उल्लेखित है विचाराधीन है कि प्रदेश में वर्तमान सरकार के कार्यकाल में बेघर लोगों के लिए एक भी आवास नहीं बनाया जा सका और योजना की प्रगति निरंक रही जिसका मुझे दुःख है कि इस योजना का नाम प्रदेश के आवास विहीन लोगों को नहीं मिल सका है, यह बात मंत्री टी एस सिंह देव ने मुख्यमंत्री से चर्चा कर व पत्र लिखकर भी बात कही थी।
केंद्र से प्रधानमंत्री मोदी बेघर लोगों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना की राशि भेजने के बाद भी छत्तीसगढ़ में प्रधान प्रधानमंत्री आवास योजना 4 साल में एक भी नहीं बना सकी मंत्री टी.एस सिंह देव पत्र में उल्लेख किया है।
विक्रम उसेंडी ने यह भी कहा कि विगत 15 वर्षों में छत्तीसगढ़ एवं अंतागढ़ विधानसभा में जो भी विकास हुआ वह भाजपा के कार्यकाल में हुआ है जो जनता से छुपा नहीं है।
वहीं विक्रम उसेंडी ने चर्चा के दौरान कहा कि मैं मौतों पर राजनीति नहीं कर रहा हूं। मैं मृतक को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित कर भगवान से उनके मृत आत्मा को शांति की कामना करता हूं। परंतु पिछले 4 वर्ष तक कांग्रेस के कार्यकाल में एक भी गरीब व्यक्ति को आवास के लिए राशि तथा मकान बना कर दिया गया हो तो कहे विधायक महोदय और मैं क्या कहूँ यह तो आपके ही सरकार के मंत्री टीएस सिंह देव ने कही है । पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी ने नए राज्य के रूप में छत्तीसगढ़ राज्य की 01 नवंबर सन 2000 को स्थापित कर एवं केंद्र में अलग से जनजाति मंत्रालय भी बनवाया जिसके बारे में कांग्रेसी सोचे भी नहीं थे, लंबे समय केंद्र में सरकार होने के बाद भी छत्तीसगढ़ राज्य एवं अलग जनजाति मंत्रालय को बनाया ही नही बल्कि इस महत्वपूर्ण विषय पर सोच तक नही पाए । यदि उनके सामने में आकर भाजपा कार्यकर्ता कलश यात्रा निकाले तो विधायक के पेट में दर्द क्यों हो रहा है भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सोच थी प्रधानमंत्री सड़क योजना के अंतर्गत गांव-गांव को पक्की सड़क से जोड़ना।
पीड़ित परिवारों के लिए विधायक कहते हैं 20 लाख की राशि स्वीकृत कराया चार लाख प्रत्येक मृतक के नाम से परिजनों को देने की घोषणा करते है, वही छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश में जा कर पचास लाख का मुआवजा देते हैं छत्तीसगढ़ में दुखद घटना पर एक एक मृतक को 50 लाख के हिसाब से ढाई करोड़ रुपये का मुआवजा देने चाहिए जिसकी में मुख्यमंत्री से मांग करता हूं। बता दे कि आपदा के तहत मृतक को 4 लाख की मुआवजा राशि तो मिलती ही है। अगर देना की है तो 50 लाख रुपये का मुआवजा की घोषणा करनी चाहिए जो मुख्यमंत्री के द्वारा उत्तर प्रदेश में घोषणा की गई थी। आपको बता दें कि पीवी 110 की दुःखद घटना के बाद जिला पंचायत सदस्य बांदे सुनिता मंडल एवं मंडल अध्यक्ष रतन हालदार व् जिला भाजपा उपाध्यक्ष असीम राय उस गांव में स्वयं 10 जून को गए थे जिसमे लोगों की प्रतिक्रिया मिली है कि अगर पीएम आवास मिला होता तो शायद अनहोनी नही होती।
