तिरलगढ़ स्कूल ने कोयलीबेड़ा ब्लॉक शाला व्यवस्था की खोली पोल, पीने के पानी के लिए बच्चे जाते है आधा किलोमीटर
छोटे कापसी (राजदीप शर्मा)- एक तरफ सरकार शिक्षा व्यवस्था में सुधार एवं गुणवत्ता की बात कर रही है, वहीं दूसरी तरफ जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है । स्कूल व्यवस्था विभाग के फाइलों में पूरी व्यवस्था दुरुस्त कर दी जाती है। परंतु कोयलीबेड़ा ब्लॉक अंतर्गत कोरेनार संकुल में तिरलगढ़ के पूर्व माध्यमिक एवं प्राथमिक विद्यालय के बच्चे पानी पीने आधा किलोमीटर दूर जाने के लिए मजबूर हैं। स्कूल परिसर में स्थित हैडपंप से गंदा (आयरन युक्त) पानी निकल रहा है। जो उपयोग युक्त नही है। शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला में 16 एवं प्राथमिक शाला में 17 मिलाकर जहां कुल 33 छात्र-छात्राओं है। स्कूल में पढ़ाने के लिए पांच शिक्षक विष्णु राम धुर्वे, जगदीश सरकार, तेजराम सलाम,महेन्द्र कुमार नाग जिसमे एक शिक्षिका सुलेखा मरकाम हैं।

यहां अध्यापन करा रहे शिक्षकों ने कई बार सरपंच, सचिव एवं कोयलीबेड़ा बी.ई.ओ को अवगत कराया गया उसके बावजूद भी अभी तक हैंडपंप की व्यवस्था ठीक नहीं की गई है। बच्चों के अभिभावक तथा शिक्षकों के साथ अपनी व्यथा को बताया पर उच्च अधिकारियों एवं सरपंच, सचिव को बच्चों की ज्वलंतशील समस्या के प्रति ध्यान देने की फुर्सत ही नही है।
छात्रों को मध्यान्ह भोजन के बाद थाली धोने और पानी पीने जाते है आधे किलोमीटर
कोयलीबेड़ा ब्लॉक अंतर्गत संकुल कोरेनार के तिरलगढ़ गाव स्थित शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला एवं प्राथमिक शाला के बच्चों ने बताया कि स्कूल में पानी व्यवस्था नही होने से हमे रोजना आधा किलोमीटर दूर गांव से पीने का पानी और मध्यान्ह भोजन के बाद थाली धोने के लिए जाते है। स्कूल के पास एक नल है परंतु उसमें आयरन युक्त दूषित जल निकलता है जो उपयोग युक्त नही है। पानी की कमी के कारण विद्यालय में बने शौचालय का भी उपयोग नहीं किया जाता है। हम बच्चों को इमरजेंसी में शौच के लिए घर या फिर जंगल की ओर जाना पड़ता है। जिस वजह से हम बच्चों की पढ़ाई का समय मार खाता है।
इस संबंध पर कोयलीबेड़ा बी.ई.ओ के.आर सिन्हा ने बतलाया संकुल समन्वय से वास्तविकता की जानकारी लेकर पीएचई विभाग को पत्र जारी कर नल खोदवाने की मांग करेंगे।
इस विषय पर जंप कोयलीबेड़ा सी.ई.ओ आशीष ड़े ने बतलाया कि जल्द ही पीने के पानी समस्या का समाधान करने का प्रयास किया जावेगा।
