फैसला दिल्ली से तो परचा पर चर्चा क्यों कर रही है भाजपा
जगदलपुर (अर्जुन झा):- भारतीय जनता पार्टी ने बारह विधानसभा सीटों वाले बस्तर के 10 विधानसभा क्षेत्र में कार्यकर्ताओं से चर्चा करने पर्यवेक्षक भेजे हैं। सभी पर्यवेक्षक निर्धारित क्षेत्र में पहुंच कर कार्यकर्ताओं से चर्चा कर रहे हैं।
सुकमा जिले की के कोंटा विधानसभा क्षेत्र में प्रत्याशी पर चर्चा करने पूर्व सांसद दिनेश कश्यप, बीजापुर में श्रीनिवास मद्दी, दंतेवाड़ा में सुधीर पांडे, जगदलपुर में बस्तर संभाग के प्रभारी और राजनांदगांव सांसद संतोष पांडे, चित्रकोट में पूर्व मंत्री महेश गागड़ा, कोंडागांव में पूर्व विधायक संतोष बाफना, नारायणपुर में प्रदेश मंत्री महेश जैन, केशकाल में पूर्व विधायक सुभाऊ कश्यप चर्चा कर रहे हैं। हालांकि बीते रोज पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने अपने रायपुर स्थित निवास में केशकाल से गए कार्यकर्ताओं से चर्चा करते हुए नीलकंठ टेकाम को अपनी ओर से प्रत्याशी घोषित करते हुए कार्यकर्ताओं से कहा कि इन्हें विधायक के रूप में रायपुर भेजना है तब कार्यकर्ता समझ नहीं पा रहे कि अब पर्यवेक्षक भेजने का क्या औचित्य है।भानुप्रतापपुर और अंतागढ़ में पूर्व मंत्री प्रेम प्रकाश पांडे इसी काम में लगे हुए हैं। बस्तर संभाग के कार्यकर्ता कह रहे हैं कि यह चर्चावसिर्फ रस्म अदायगी है, टिकट का फैसला केंद्रीय नेतृत्व को करना है। जब बिना रायशुमारी के दिल्ली में 21 नामों की लॉटरी निकल गई, तब इस तरह चर्चा में कार्यकर्ताओं का समय बर्बाद करने की क्या जरूरत है। वैसे बालोद जिले के दो विधानसभा क्षेत्र बालोद और गुंडरदेही के कार्यकर्ताओं से चर्चा करने भरत मटियार बालोद पहुंचे थे और कार्यकर्ताओं से चर्चा करने के बाद वापस कांकेर रवाना हो गए। कुरूद एवं धमतरी में चर्चा करने के लिए विधायक सौरभ सिंह को भेजा गया। सभी विधानसभा क्षेत्र में भेजे गए पर्यवेक्षक 27 अगस्त को प्रदेश भाजपा कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर रायपुर में बैठक में रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे। इसी शाम दिल्ली में केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक है जिसमें छत्तीसगढ़ के कुछ भाजपा प्रत्याशियों की घोषणा हो सकती है। अब यहां भाजपा के भीतर चर्चा यह है कि दिल्ली तक हमारी बात पहुंचेगी कैसे?
