अब नप जाएंगे पंचायत सचिवों से चुनावी फंड लेने वाले सीईओ


भाजपा नेताओं ने जनपद सीईओ मंडावी के खिलाफ खोला तगड़ा मोर्चा

बकावंड (अर्जुन झा ):- विधानसभा चुनावों के दौरान कांग्रेस के लिए चुनावी फंड उपलब्ध कराने के आरोप से घिरे जनपद पंचायत बकावंड के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एसएस मंडावी के खिलाफ क्षेत्र के भाजपा नेताओं ने तगड़ा मोर्चा खोल दिया है। सीईओ की कुर्सी खतरे में पड़ गई है और बकावंड से उनकी रुखसती तय मानी जा रही है। संभव है कि उनके खिलाफ कदाचार का मामला भी चले।
बकावंड जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एसएस मंडावी पर विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के लिए चुनावी फंड उपलब्ध कराने व कांग्रेस प्रत्याशी के प्रचार में पंचायत सचिवों को लगाने के गंभीर आरोप लगे हैं। आरोप है कि सीईओ ने अपने कुछ चहेते सचिवों को विकासखंड के सभी 93 पंचायत सचिवों से चुनावी फंड वसूलने के लिए लगाया था। बीस लाख रू. से भी अधिक रकम उगाही गई, मगर वह रकम संबंधित कांग्रेस नेता तक पहुंचाई ही नहीं गई। इससे उक्त कांग्रेस नेता भी अब सीईओ से नाराज हो उठे हैं। कांकेर के एक बड़े कांग्रेस नेता के इशारे पर यह रकम जमा की गई थी। मंडल भाजपा करपावंड के प्रभारी एवं बस्तर जिला भाजपा कार्यकारिणी सदस्य नारायण बिसाई का कहना है कि सीईओ एसएस मंडावी ने विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के लिए काम किया था। उन्होंने पंचायत सचिवों से रकम एकत्रित कर कांग्रेस को चुनावी फंड उपलब्ध कराया। पंचायत सचिवों से कांग्रेस के पक्ष में चुनाव प्रचार भी कराया गया। ग्राम पंचायतों में निर्माण एवं विकास कार्यों के लिए स्वीकृत राशि में से कमीशन लेकर सचिवों और सरपंचों को भ्रष्टाचार करने की खुली छूट देने का भी आरोप सीईओ पर है। श्री बिसाई ने मुख्यमंत्री और कलेक्टर से श्री मंडावी खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है.


जमा किए गए थे लाखों रुपए
पता चला है कि बकावंड जनपद की 93 ग्राम पंचायतों के सचिवों से बीस लाख रुपए से ज्यादा रकम की उगाही की गई थी। बताते हैं इस खेल में पर्दे के पीछे कांकेर जिले के एक बड़े कांग्रेस नेता का हाथ रहा है। इसी नेता के इशारे पर सीईओ ने फंड जमा करवाया था। रकम उगाही की खबर सार्वजनिक हो जाने के बाद पंचायत सचिवों में हड़कंप मच गया है। भाजपा नेताओं ने कांग्रेस नेताओं से विशेष लगाव रखने वाले अधिकारियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बकावंड जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एसएस मंडावी भी भाजपा नेताओं के निशाने पर हैं। श्री मंडावी पर केंद्र व राज्य मद की योजनाओं के कार्यों में व्यापक भ्रष्टाचार करने का आरोप है। कांग्रेस नेताओं के संरक्षण में उन पर अकूत धन और अन्य संपत्तियां अर्जित करने का आरोप भाजपा नेताओं ने लगाया है। नारायण बिसाई ने कहा है कि कांग्रेस शासनकाल में जनपद क्षेत्र के गांवों में विकास एवं निर्माण कार्यों में जमकर अनियमितता बरती गई है। इन कार्यों की गुणवत्ता को पूरी तरह नजर अंदाज करते हुए भ्रष्टाचार को प्रोत्साहित किया गया। इस कृत्य में क्षेत्र के कांग्रेस जनप्रतिनिधि भी सीईओ को पूरी मदद करते रहे हैं। श्री बिसाई का यह भी आरोप है कि सीईओ ने सभी पंचायत सचिवों को चुनाव के दौरान कांग्रेस के पक्ष में काम करने के लिए दिन रात लगा दिया था।

फंड जुटाने में लगाए गए थे 9 सचिव
इस मामले में अब एक नया खुलासा हुआ है कि 9 सचिवों को फंड जमा करने के काम में लगाया गया था। भानपुरी के समीप स्थित एक जलाशय में बैठक भी हुई। इसके बाद तय हुआ कि वसूली किस तरह की जाएगी।वसूली करने वाले सचिवों को भरोसा दिलाया गया था की फिर से कांग्रेस की सरकार बनने पर उन्हें पूरा सहयोग किया जाएगा। उनके सारे अनैतिक कार्यों पर पर्दा डाल दिया जाएगा, लेकिन कांग्रेस की सरकार बनी नहीं और सचिवों से वसूली गई रकम को सीईओ ने संबंधित कांग्रेस नेता तक पहुंचाई भी नहीं। अब दोनों दल के क्षेत्रीय मुखिया सीईओ की इस हरकत से काफी नाराज हैं। नाजायज वसूली की खबर सामने आते ही बीजेपी के नेताओं ने सीईओ को उनकी करतूत की सजा दिलाने के लिए ठान लिया है। चर्चा कहा है किविकसित भारत संकल्प यात्रा के समापन के तुरंत बाद, इस सीईओ के खिलाफ भाजपा तगड़ा एक्शन ले सकती है। किसी राजनैतिक दल के लिए काम करना लोक सेवक अधिनियम का भी उल्लंघन है। ऐसे में सीईओ की नौकरी भी खतरे में पड़ सकती है।

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