जलवायु – समुदायों निर्माण हेतु ग्रीन केयर सोसायटी इंडिया द्वारा यूनेस्को विश्व विज्ञान दिवस 2021 पखवाड़ा कार्यक्रम का हुआ शुभारंभ

दंतेवाड़ा :- शांति और विकास के लिए विश्व विज्ञान दिवस हर साल 10 नवंबर को मनाते हुए समाज में विज्ञान की महत्वपूर्ण भूमिका और उभरते वैज्ञानिक मुद्दों पर व्यापक जनता को शामिल करने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला जाता है। संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगठन (यूनेस्को) द्वारा वर्ष 2021 विश्व विज्ञान दिवस के लिए “जलवायु तैयार समुदायों का निर्माण” विषय तय किया गया। इस अवसर पर ग्रीन केयर सोसायटी इंडिया के द्वारा राष्ट्रीय शिक्षक वैज्ञानिक परिषद भारत, रमन साइंस एंड टेक्नोलॉजी फाउंडेशन, एपीजे अब्दुल कलाम नेशनल काउंसिल ऑफ यंग साइंटिस्ट, ऑल इंडिया रामानुजन मैथ्स क्लब और इग्निटिंग ड्रींस ऑफ यंग माइंड्स फाउन्डेशन के सहयोग से 15 दिवसीय अंतरराष्ट्रीय विज्ञान पखवाड़ा कार्यक्रम 10 से 24 नवंबर तक आयोजित किया जारहा है। यह कार्यक्रम की स्वीकृति यूनेस्को द्वारा मंजूरी मिली है। भारत सरकार विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के अन्तर्गत भारतीय विज्ञान कांग्रेस संस्था के आजीवन सदस्य, ग्रीन केयर सोसायटी इंडिया के निर्देशक तथा छत्तीसगढ़ दंतेवाड़ा के आस्था विद्या मंदिर के शिक्षक अमुजुरी बिश्वनाथ ने कहा कि मौजूदा जलवायु संकट को वित्त पोषण, वैज्ञानिक अनुसंधान और सहयोग के समर्थन की तात्कालिकता के बारे में जागरण के रूप में काम करना चाहिए। यह न केवल प्राकृतिक विज्ञान, बल्कि सामाजिक और मानवीय और साधारण विज्ञान से भी संबंधित है। समाज और जनता के कल्याण व विकास के लिए विज्ञान, प्रौद्योगिकी, नवाचार और शिक्षा के पहलुओं पर सरकारी और गैर-सरकारी संगठनों, उद्योग और शैक्षणिक संस्थानों के सहयोग से वेबिनार, प्रतियोगिता, जागरुकता और पुरस्कार जैसे विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जारहा है। जिसमें विज्ञान प्रेमी, विद्यार्थियों, शिक्षक, पत्रकारों तथा आम जनता भी हिस्सा ले सकते हैं। पूरे विश्व स्तर पर निःशुल्क कार्यक्रम के लिए ग्रीन केयर सोसायटी इंडिया के अध्यक्ष डॉ विश्वनाथ पाणिग्रही, डायरेक्टर अमुजुरी बिश्वनाथ, एनसीटीएस आरएसटीएफ एएनसीवायएस संस्थाओं के चेयरमैन डॉ. चंद्रमौली जोशी, राष्ट्रीय सचिव संदीप डी पाटिल और आईडीवायएम फाउन्डेशन के अध्यक्ष डॉ रविशंकर द्वारा समर्थन तथा कार्यसूची दिया गया। यूनेस्को के महानिदेशक ऑड्रे अज़ोले जलवायु परिवर्तन हम सभी के लिए एक खतरा है। खुले विज्ञान की क्षमता का उपयोग करें, न केवल जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को सीमित करने के लिए, बल्कि एक निष्पक्ष और अधिक शांतिपूर्ण दुनिया को आकार देने के लिए भी।

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