धान खरीदी केंद्र के प्रभारी से क्षेत्र के किसान परेशान, सुख्ति के नाम पर ढाई किलो अधिक धान देने के लिए मजबूर किसान

छोटे कापसी (राजदीप शर्मा) :- बड़े कापसी लैम्पस अंतर्गत बड़े कापसी धान खरीदी केंद्र प्रभारी की मनमानी से किसान परेशान हैं, केंद्र प्रभारी द्वारा सुख्ति के एवज में किसानों से प्रति क्विंटल में ढाई किलो धान अतिरिक्त लिया जा रहा है। यही हाल पी.व्ही 02 केंद्र में भी इसी प्रकार किसानों से सुख्ति के नाम पर ढाई किलो ज्यादा धान प्रति क्विंटल में लिया जा रहा। किसानों ने बताया कि प्रति क्विंटल पर ढाई किलो धान और प्रति पर क्विंटल 17 रुपये पचास पैसा हमाली केंद्र प्रभारी की सहमति लिया जा रहा। लैम्पस से प्राप्त जानकारी के अनुसार हमाली के लिए प्रति क्विंटल 12 रुपये के आसपास प्रशासनिक व्यय राशि दी जाती है। फिर भी किसानों से 17 रुपए पचास पैसा प्रति क्विंटल हमाली लिया जा रहा है। इस सम्बंध में जब सम्बंधित अधिकारियों से जानकारी लिया गया तो उन्होंने बताया कि सूख़्ति के नाम पर अतिरिक्त धान और काटा करने के लिये हमाली किसानों से नही लिया जाएगा। इसके बावजूद अधिकारियों के पीठ पीछे ये खेल केंद्र प्रभारी की मिलीभगत से किया जाता है। पी.व्ही 02 केंद्र के हमाल प्रेम मरकाम,कमलेश नेताम,शुकदास नेताम,हेमलाल मरकाम ने बताया कि सरकार से जो राशि मिलता है, वह मेहनत के हिसाब से कम राशि है, इस कारण हमारे द्वारा प्रति क्विंटल किसानों से 17.50 रुपया लेते है। अगर किसान बोरा भरके देता है तो हम 12 रुपये प्रति क्विंटल लेते है यह भी उनकी सहमति से लेते है।

06 दिसंबर को धान बेचे चुके किसान जगदीश, हरिपद देवनाथ, संतोष, संजीव हालदार पी.व्ही 120 ने बतलाया कि सुख्ति के नाम पर प्रति क्विंटल ढाई किलो धान अतिरिक्त और हमाली के नाम पर पर प्रति क्विंटल 17.50 रुपया हमाली चार्ज लिया गया है। किसानों ने कहा कि 30 प्रतिशत बोरा भी हमे ही देना पड़े रहा है। बता दे कि धान बेचते समय केंद्र में प्रति क्विंटल किसानों का खर्चा हमाली 17 रुपये पचास पैसा,बोरा प्रति क्विंटल 100 रुपये,सुख्ति पर प्रति क्विंटल 62 रुपये पचास पैसा कुल मिला कर प्रति क्विंटल किसानों को 180 रुपये के आस पास का चूना लगाया जा रहा है। किसान सपन सरकार ने बताया कि बड़े कापसी धान खरीदी केंद्र में प्रति क्विंटल हमाली 17 रुपये पचास पैसा लिया गया है, मैन खुद दिया है ।
इस संबंध पर लैम्पस बड़े कापसी के प्रभारी प्रबंधक पार्थ देवनाथ ने बताया कि सुख्ति के नाम पर किसानों से धान अतिरिक्त नही लिया जाना है, यदि लिया जा है तो जांच किया जायेगा। रही बात हमाली की तो किसानों से काटा के लिए कोई भी चार्ज नही लेना है। यदि आपसी सहमति से भी लिया जा रहा होगा तो किसानों के पैसे वापस कराया जायगा ।

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