प्रभारी लैम्पस प्रबंधक पर करोड़ों रुपये गबन करने की लिखित शिकायत सहायक प्रबंधक ने महामहिम राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री से की, विभाग में मचा हड़कंप

छोटे कापसी(राजदीप शर्मा) – लैम्पस बड़े कापसी में प्रभारी प्रबंधक के द्वारा करोड़ों रुपए का घोटाला किये जाने की लिखित शिकायत लैम्पस के ही सहायक प्रबंधक ने कर दी जिससे पूरे विभाग में हड़कंप मच गया है। क्योंकि इस महा घोटाले में कई नामी गिरामी अधिकारी चपेट में आ रहे है।

ज्ञात हो कि आदिम जाति सेवा सहकारी समिति बड़े कापसी में सहायक समिति प्रबंधक के पद पर पिछले 32 वर्षों से कार्यरत सुकंठ राय ने लिखित शिकायत महामहिम राज्यपाल,मुख्यमंत्री भूपेश बघेल,सहकारिता मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह,सहकारिता सचिव,पंजीयक रायपुर छ.ग शासन रायपुर,सयुक्त पंजीयक जगदलपुर,मुख्य कार्यपालन अधिकारी जगदलपुर, उपपंजीयक कांकेर,कलेक्टर कांकेर,सहकारिता विस्तार अधिकारी कोयलीबेड़ा एवं संचालक मंडल के उपाध्यक्ष को की है। लैम्पस बड़े कापसी प्रभारी प्रबंधक पार्थ देवनाथ के द्वारा पिछले 05 वर्ष से लगातार अनियमिता की जा रही है।
पार्थ देवनाथ द्वारा स्वयं की बीज दुकान जिसे उसका भाई के नाम से संचालित करता है। के दुकान से लगभग 05 करोड़ रुपये का हाई ब्रीड बीज किसानों को वितरण किया हाईब्रीड बीज वितरण का लगभग 40%प्रतिशत की राशि जो हाइब्रिड बीज वाले कमीशन देते है। उसका लगभग 02 करोड़ रुपये स्वयं के पास रख लिया गया और पार्थ देवनाथ ने इसी हाइब्रिड बीज वितरण का ब्याज अनुदान की राशि लगभग एक करोड़ रुपये को ब्याज अनुदान में जोड़कर पंजीयक रायपुर छ.ग शासन को प्रस्तुत किया जा कर एक करोड़ रुपये की राशि भी प्राप्त कर लिया है। जो पंजीयक के आदेश विरुद्ध है। तत्कालीन पंजीयक अविनाश चम्पावत के आदेश क्रमांक -3282 दिनांक 04/07/2015 के अनुसार कोई भी समिति हाइब्रिड बीज वितरण की राशि ब्याज अनुदान में न जोड़ा जाय परंतु प्रभारी प्रबंधक पार्थ देवनाथ ने अनुदान की राशि को जोड़कर शासन की ओर प्रस्तुत कर लगभग एक करोड़ रुपए का वित्तीय हानि समिति और शासन को पहुचाया है। जबकि इस हाइब्रिड बीज वितरण की ब्याज राशि कृषकों से प्राप्त करना था जो प्रभारी प्रबंधक पार्थ देवनाथ ने नही किया करोड़ो रूपये का हाईब्रीड बीज वितरण की राशि समिति का के.सी.सी का डिमांड वृद्धि का कोई भी लाभास कमीशन समिति को नही दिया-प्रभारी प्रबंधक ने कई बार फर्जी तरीके से अपना एवं अपने चहेते कर्मचारियों का वेतन वृद्धि किया है। खाद में कमी थी लेकिन प्रभारी प्रबंधक द्वारा किसानों को अधिक दाम पर कटा परमिट कम दाम पर ब्रिकी बताकर अंतर की राशि को बोरी कमी बताकर समिति को वित्तीय हानि पहुचाया है। पार्थ देवनाथ का मूल पद लेखपाल है। और अपनी ऊची राजनीतिक पकड़ के चलते समिति का प्रभारी भी पिछले लगभग 8 से 10 साल से है ।अगर सूक्षमता (बारीकी) से जांच होगी तो लगभग 05 से 07 करोड़ से भी अधिक घोटाला सामने आने की संभावना है।

इस संबंध पर सयुक्त पंजीयक जगदलपुर से बात करने पर उन्होंने बतलाया कि सुकंठ राय के द्वारा किये गये शिकायत की कापी प्राप्त हुई है जिसकी जांच के लिए प्रशांत रंगारे सहकारिता विस्तार अधिकारी कोयलीबेड़ा को नियुक्त कर जांच करने के आदेश दिया गया है। उपपंजीयक कांकेर से इस विषय पर बात किया गया तो उन्होंने अपनी तबियत खराब होना बतलाया मैं इस विषय मे फिलहाल कुछ नही कह सकूँगा। लैम्पस बड़े कापसी प्रभारी प्रबंधक पार्थ देवनाथ से बात करने पर बतलाया कि जांच अधिकारी प्रशांत रंगारे का वीडियो वायरल हुआ था जिसे देखकर समिति सदस्यों ने निर्णय लिया है। कि जांच प्रशांत रंगारे से नही कराएंगे।

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