लैम्पस प्रभारी प्रबंधक पर लगाया गया आरोप सिद्ध नही होने पर अपनी 32 साल की नौकरी छोड़ दूँगा – सुकंठ राय

छोटे कापसी(राजदीप शर्मा) – छोटे कापसी के प्रभारी लेम्प्स प्रभारी प्रबंधक पर मेरे द्वारा लगाया गया आरोप यदि सिद्ध नही हुआ तो मैं अपनी 32 साल की नॉकरी छोड़ दूँगा, उक्त बातें शिकायतकर्ता सहायक प्रबंधक सुकंठ राय ने कही ।

ज्ञात हो कि सुकंठ राय सहायक प्रबंधक लैम्पस बड़े कापसी के द्वारा प्रभारी प्रबंधक पार्थ देवनाथ के विरुद्ध निम्न 07 बिंदुओं पर राज्यपाल,मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ भूपेश बघेल एवं सहकारिता विभाग के समस्त उच्च अधिकारियों को शिकायत पत्र लिखकर कार्यवाही की मांग की जो इस प्रकार है।

  1. समिति के माध्यम से कृषकों को लगभग 05 करोड़ रुपये का हाई ब्रीड बीज अपने निजी दुकान से बेच कर शासन को ब्याज अनुदान राशि के साथ लगभग एक करोड़ रुपये का वित्तीय हानि पहुचाया है।
  2. प्रभारी प्रबंधक के निजी दुकान के हाईब्रीड बीज का बिल के पीछे कृषकों द्वारा वह वाक्य लिखाया गया कि हाईब्रीड बीज वितरण की राशि मेरे से वसूली किया जाए, परंतु प्रभारी प्रबंधक के द्वारा दिखावा के लिए कुछ किसानों से ऐसा किया और बाकी किसानों का ब्याज अनुदान शासन की ओर प्रस्तुत किया।

3.समिति के नाम से हाईब्रीड बीज वितरण किया,समिति का के.सी.सी का डिमांड वृद्धि तथा हाईब्रीड बीज वितरण करने के बाद समिति को कोई लाभांश या कमीशन नही दिया गया।

  1. प्रभारी प्रबंधक अपने कार्यकाल में अपने चहेते और अपना निजी वेतन वृद्वि किया परन्तु समिति के सभी कर्मचारियों का वेतन एक सामना वृद्वि होना चाहिए,इसी वजह से कर्मचारी असन्तुष्ट है।

5.समिति के कर्मचारी के पदोन्नति करने में भी प्रभारी प्रबंधक किसी से भी चर्चा की सीनियर कर्मचारियों के साथ वेदभाव करते हुए,अपने चहेते को पदोन्नति कर कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार करता है।

6.खाद की कमी थी उसे भी प्रभारी प्रबंधक द्वारा अधिक दाम पर कटा परमिट को कम दाम पर बिक्री बताकर अंतर राशि को खाद बोरी कमी को बराबर कर समिति को वित्तीय हानि पहुँचाया है।

  1. कृषकों को जब पता चला कि बाजार भाव से अधिक कीमत पर हाईब्रीड बीज प्रभारी प्रबंधक द्वारा दिया जा रहा तो किसानों ने जब विरोध किया तो प्रभारी प्रबंधक द्वारा विरोध कर रहे किसानों को चुपचाप अंतर का पैसा वापस करा दिया और मामले को दबा दिया।

उपरोक्त सभी सात बिंदुओं की जांच पर एक भी आरोप गलत पाया गया तो मैं अपनी नोकरी छोड़ दूँगा।

बता दे कि करोड़ रुपये गड़बड़ी की लिखित शिकायत होते ही पूरे विभाग में हड़कंप मच गया,
शिकायतकर्ता सहायक प्रबंधक सुकंठ राय ने बतलाया कि जांच को प्रभावित करने के लिए प्रभारी प्रबंधक विभिन्न प्रकार के हथकंडे अपना रहा है मुझपर शिकायत वापस लेने का दवाब बना रहा है। पर मैं समिति को इस प्रकार से नुकसान पहुचने पर चुप नही बैठ सकता क्योंकि मैंने समिति को अपना 32 साल की सेवा दी है। और समिति को लाभ पहुँचने के लिये ही निस्वार्थ भाव से काम किया है। मैं समिति को नुकसान पहुंचाने वाले के खिलाफ लड़ाई लड़ता रहूंगा।

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