भ्रस्टाचार की भेंट चढ़ने लगा जल जीवन मिशन
राजदीप शर्मा
छोटे कापसी। केंद्र सरकार जल जीवन मिशन योजना के तहत लाखों रुपये खर्च कर ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर शुद्ध पेयजल पहुंचाने का प्रयास कर रही है. लेकिन जमीनी स्तर पर नल जल योजना भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ती नजर आ रही है. लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारी सही से मॉनिटरिंग नहीं कर रहे हैं,विकासखण्ड कोयलिबेड़ा अंतर्गत राधापुर गांव में
48:69 लाख की लागत से ठेकेदार मेसर्स संजय अग्रवाल रायपुर के द्वारा जल जीवन मिशन योजना के तहत पानी टंकी का निर्माण किया जा रहा है,जो लगभग एक साल से बन रही पानी की टंकी का निर्मण कार्य पूरा नहीं होने से ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. साथ ही ठेकेदार नींव खोद कर चारों ओर से चार कलम की शुरुआत ही की है,और काम बंद कर दिया,जिसके ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.ग्रामीणों संजय,रतन,उत्तम ने बताया की ठेकेदार के द्वारा स्कूल खेल मैदान के एक किनरे मे गाँव के लिए पानी टंकी का निर्माण करवाना शुरू किया था चारों ओर तोड़ा बहुत कालम बनाकर सरिया निकला हुआ छोड़ दिया, स्कूल परिसर होने के कारण बच्चे खेलते खेलते वहा चले जाते है हमे बड़ा हादशा होने की आशंका होती है। परंतु विभाग भी ठेकेदार पर कार्यवाही नही करता।
बूंद-बूंद को तरसे ग्रामीण :
ग्रामीण रतन,उत्तम ने बताया कि गांव में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना जल जीवन मिशन के तहत पानी की टंकी का निर्माण किया जा रहा है, लेकिन लगभग एक साल से समस्या जस की तस बनी हुई है. सरकार के करोड़ों रुपए खर्च होने के बावजूद राधापुर गांव के लोग बूंद-बूंद पानी को तरस को मजबूर होंगे, ग्रामीणों ने बताया की इस वर्ष भीषण गर्मी गिरने की विभाग से जानकारी मिल रही है भू जल स्तर नीचे जाने संभावना हैं. ऐसे मे गांव के लोग बूंद बूंद पानी को तरस जाएंगे,गांव में ek साल पहले जल टंकी का निर्माण शुरू हुआ था, जो आज भी अधूरा पड़ा है. टंकी अधूरी होने के बावजूद अधिकारियों ने इसे ‘पूरा’ दिखाकर बोर्ड तक लगा दिया.।
प्रशासन की लापरवाही, ग्रामीणों की परेशानी :
ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार मौखिक शिकायत के बावजूद प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं कर रहा. ग्रामीणों ने बताया की गांव के कई लोग पानी की समस्या को लेकर उपयंत्री से मिले, क्षेत्र लेकिन पहुंचे अब तक कोई समाधान नहीं हुआ. गर्मी का सीजन शुरू हो गया है. अगर लोगों को पानी समय पर नहीं मिला तो भारी समस्या का सामना जनता को करना पड़ेगा. सरकार की ओर से इस योजना पर बड़े पैमाने पर धनराशि खर्च की गई है, लेकिन परलकोट के हालात प्रशासन की लापरवाही को उजागर कर रहे हैं. सवाल यह उठता है कि क्या ग्रामीणों को सरकार की महत्वाकांक्षी योजना का लाभ मिलेगा या फिर यह योजना भी सिर्फ फाइलों में ही सिमटकर रह जाएगी ये तो आने वाला वक्त ही बताएगा.
इस संबंध पर कोयलिबेड़ा उपयांत्रि कपिल नेताम से संपर्क करने फोन लगाया गया तो उनके द्वारा फोन रिसीव नहीं किया गया।
इस संबंध पर सहायक अभियंता अंतागढ़ लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के बी.आर दरबाड ने बतलाया किसी कारण निर्माण बंद है उपयंत्री से पूछता हूँ। जल्द ही संबंधित ठेकेदार को कार्य शुरू करने कहा जायेगा।
