विधिक साक्षरता एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन
राजदीप शर्मा
छोटे कापसी। रविवार 06 जलाई को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कांकेर के माननीय अध्यक्ष एवं प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश कांकेर श्री आनंद कुमार ध्रुव के दिशानिर्देशन एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कांकेर श्रीमती शांति प्रभु जैन के मार्गदर्शन में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी पखांजूर मयंक सोनी द्वारा ग्राम छोटेबेठिया बेचाघाट नंदी किनारे विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें लोगो को मोटर दुर्घटना- यातायात के नियमों से होने वाले लाभ के संबन्ध में तथा यातायात नियमों के उल्लंघन पर होने वाले अर्थदंड के संबंध में जानकारी दिया गया ।
मध्यस्थता क्या होता है उस बारे में व्यक्तियों को जानकारी दिया गया कि विवादों को निपटाने की न्यायिक प्रक्रिया से भिन्न एक वैकल्पिक प्रक्रिया है, जिसमें एक तीसरे स्वतंत्र व्यक्ति मध्यस्थ दो पक्षों के बीच अपने सहयोग से उनके सामान्य हितों के लिए एक समझौते पर सहमत होने के लिए उन्हें तैयार करता है। इस प्रक्रिया में लचीलापन है और कानूनी प्रक्रियागत जटिलताएं नहीं है। इस प्रकिया में आपसी मतभेद समाप्त हो जाते है अथवा कम हो जाते है। डान योजना 2025 के तहत नशीली दवाओं की तस्करी और मादक द्रव्यों के सेवन की बढ़ती प्रवृत्ति पर अंकुश लगाने का लक्ष्य रखा गया है,नशीली दवाओं के उपयोग से होने वाले सामाजिक और शारीरिक एवं युवा पीढ़ी को होने वाले क्षति की जानकारी दिया गया।महिलाओ के साथ हो रहे अपराध एवं उनके अधिकार के बारे में जानकारी दिया गया।जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा मिलने वाली निः शुल्क सेवाओं एवं निःशुल्क अधिवक्ता के बारे में जानकारी दी गई। तालुका विधिक सेवा समिति पखांजूर जिला – उत्तर बस्तर कांकेर के अथक प्रयास से इस शिविर आयोजन को सफल किया गया!
