जिले में बढ़ते बाहरी प्रवासियों, आदिवासियों की जमीन और बढ़ते नशे के कारोबार पर सीपीआई ने जताई चिंता

बीजापुर – भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) जिला समिति बीजापुर ने मंगलवार को प्रेस क्लब भवन में प्रेसवार्ता आयोजित कर जिले से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाया। प्रेसवार्ता के दौरान पार्टी पदाधिकारियों ने बीजापुर जिले में बढ़ते बाहरी प्रवासियों, आदिवासी भूमि की सुरक्षा, फर्जी प्रमाण पत्रों और नशे के बढ़ते कारोबार पर चिंता व्यक्त करते हुए जिला प्रशासन के नाम पांच सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपने की जानकारी दी। जिला सचिव कमलेश झाड़ी ने कहा कि बीजापुर आदिवासी बहुल जिला है, जहां वर्ष 2005 के बाद से विभिन्न राज्यों से लोगों का आगमन लगातार बढ़ा है। इससे जिले की जनसंख्या संरचना, सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है। उन्होंने कहा कि प्रशासन को जिले की शांति, सुरक्षा और आदिवासी हितों की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।
ज्ञापन में प्रमुख पांच मांगो में निवास प्रमाण पत्र जारी करने से पहले संबंधित व्यक्ति के वर्ष 1950 से पूर्व के भू-अभिलेखों को आधार बनाया जाए।
बीजापुर जिले में किसी भी बाहरी व्यक्ति द्वारा भूमि खरीदने से पहले कलेक्टर की अनुमति अनिवार्य की जाए। वर्ष 2005 से 2026 तक जारी सभी जाति एवं निवास प्रमाण पत्रों की जांच कर फर्जी पाए जाने वाले प्रमाण पत्रों को तत्काल निरस्त किया जाए।
जिले में बढ़ रहे अवैध नशे के कारोबार पर प्रभावी रोक लगाकर इसमें संलिप्त लोगों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। अंतरराज्यीय सीमाओं से बीजापुर आने वाले लोगों की नियमित निगरानी कर असामाजिक गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाए।
प्रेसवार्ता में पार्टी नेताओं ने कहा कि इन मांगों का उद्देश्य जिले के जल, जंगल, जमीन, आदिवासी अस्मिता तथा सामाजिक सौहार्द की रक्षा करना है। उन्होंने प्रशासन से मांगों पर गंभीरता से विचार कर शीघ्र कार्रवाई करने की अपील की। प्रेसवार्ता के उपरांत पार्टी प्रतिनिधिमंडल ने जिला प्रशासन एवं पुलिस अधीक्षक के नाम पांच सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन की प्रतिलिपि कलेक्टर एवं थाना प्रभारी बीजापुर को भी प्रेषित की गई।

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