पीड़ित पक्ष को ही धमका रहे हैं एसडीएम, अवैध कब्जा न हटाकर शिकायतकर्ता के मकान पर बुलडोजर चलाने की धमकी
दल्ली राजहरा। सुशासन सरकार में प्रशासनिक अधिकारी अब इस कदर बेलगाम हो गए हैं कि वे व्यवसायियों को उनका मामला सुलझाने के बजाय डराने धमकाने वालीहरकत पर उतर आए हैं। मामला नगर में स्थित नजूल की जमीन पर कब्जे से जुड़ा है। आलम यह है कि कब्जा करने वाले पर कार्रवाई न कर एसडीएम अब शिकायतकर्ता को ही डराने धमकाने लगे हैं। पीड़ित पक्ष के पैतृक मकानों और अन्य संपत्तियों पर बुलडोजर चलाने की धमकी दी जा रही है।
दरअसल सारे फसाद की जड़ नगर पालिका का एक बुद्धिमान कर्मचारी है, जिसने आशा टॉकीज के पास स्थित नजूल की जमीन पर कई लोगों को कब्जा करवा दिया है। अलग से मोटी रकम लेकर पालिका में संपति कर जमा करवा कर कथित बुद्धिमान कर्मचारी ने अवैध कब्जेधारियों को सरकारी जमीन की बंदरबांट कर दी है। इस जमीन का उपयोग आसपास व्यवसायरत छोटे व्यापारी पार्किंग के तौर पर इस्तेमाल करते आ रहे थे। जब इस अवैध कब्जे के खिलाफ छोटे व्यापारियों ने आवाज उठाई और उच्च अधिकारियों से शिकायत की, तो एक रसूखदार बड़े अतिक्रमणकारी ने प्रशासनिक अधिकारी का सहारा लेकर धमकी दिलवाने का सिलसिला शुरू कर दिया है। यही वजह है कि एसडीएम पीड़ित पक्ष को भरी बैठक में धमकी देते नजर आए कि- तुम नहीं मानोगे तो हम तुम्हारी पैतृक संपति को तुड़वा देंगे, तुम्हारे होटल पर बुलडोजर चलवा देंगे। यह धमकी एसडीएम ने सरेआम दी।15 जून को जब नजूल जमीन को लेकर विवाद में समझौता नहीं हुआ तो गुस्से से भन्नाए एसडीएम श्री साहू ने पीड़ित व्यापारी प्रवीण जैन से धमकी भरे लहजे में कहा कि मामले को यहीं खत्म करो नहीं तो मैं तुम्हारे होटल पर बुलडोजर चला दूंगा। जब एसडीएम मर्यादा विहीन भाषा में गरज रहे थे, तब कुछ रसूखदार व्यापारी मुस्कुराकर उसकी बात का समर्थन कर रहे थे। एसडीएम की ऎसी धमकी से आहत पीड़ित व्यापारी ने मीडिया को बताया कि ये अधिकारी मेरी पैतृक संपति पर बुलडोजर चलाने की धमकी दे रहे हैं, सुशासन सरकार में गरीब परिवारों को ये अधिकारी रसूखदार के दबाव में आकर उजाड़ने पर आमादा हैं। पीड़ित व्यापारी ने एसडीएम से अपने को बचाने और न्याय दिलाने के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और जिला प्रभारी मंत्री विजय शर्मा से गुहार लगाई है। छोटा व्यापारी एसडीएम को लिखित में आवेदन देकर अपनी जमीन व साथ में लगी हुई नजूल भूमि जिसका वह विगत कई वर्षों से पार्किंग ग्रुप में उपयोग कर रहा था, को नपवा रहा था, जिस पर दबंग रसूखदार व्यापारियों ने आकर आरआई एवं पटवारी के साथ-साथ उक्त छोटे व्यापारी एवं नाप जोख में सहयोग कर रहे उनके आदिवासी हल्बा गोंड स्टाफ के साथ काफी बदतमीजी की। जिसकी लिखित शिकायत रेवेन्यू इंस्पेक्टर ने एसडीएम को दी, लेकिन रसूखदार लोगों के प्रभाव में आकर एसडीएम ने उक्त शिकायत पर भी कोई कार्रवाई नहीं होने दी।
15 जून 2026 को एसडीएम कार्यालय में ही आपसी विवाद होने के कारण वह बैठक बेनतीजा रही। उक्त रसूखदार दबंग लोगों द्वारा प्रेस और सोशल मीडिया के माध्यम से भ्रम फैलाया गया कि एसडीएम ने पेपर देखकर हमारे पक्ष में फैसला किया है जो कि सरासर गलत है। एक अधिकारी के फैसले के बारे में गलत जानकारी मीडिया और सोशल मीडिया में देने के बाद भी एसडीएम द्वारा उनके ऊपर कोई कार्रवाई नहीं की गई।
