आधी रात बाद मलबे के ढेर में तब्दील हो गया मकान
बकावंड। विकासखंड बकावंड के अंतर्गत ग्राम मैलबेड़ा के जानी पारा में लगातार 3 दिन से हो रही मूसलाधार बारिश ने एक गरीब आदिवासी परिवार का आशियाना छीन लिया। जानी पारा निवासी प्रकाश नेताम का कच्चा मकान बीती रात करीब 3 बजे भरभराकर ढह गया।
जानकारी के अनुसार पिछले 3 दिनों से क्षेत्र में लगातार बारिश हो रही है। कच्ची दीवारें पानी में भीगकर कमजोर हो गई थीं। रात करीब 3 बजे अचानक दीवारों में दरार आई और पूरा मकान टीन शेड सहित जमीन पर आ गिरा। हादसे के वक्त परिवार अंदर सो रहा था, दीवार गिरने की आवाज सुनकर परिजनों ने जैसे-तैसे बाहर भागकर जान बचाई। इस हादसे में परिवार की रोजी-रोटी का सहारा बाइक भी मलबे में दबकर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। घर के अंदर रखा अनाज, कपड़े, बर्तन, बिस्तर, टीवी की डिश सब मलबे में दब गए। सुबह ली गई तस्वीर में मकान का नामोनिशान नहीं बचा, चारों तरफ सिर्फ मलबा ही मलबा दिख रहा है। पीड़ित परिवार अब पड़ोसियों के सहारे रहने को मजबूर है। ग्रामीण बुधराम नेताम, नरसिंग कश्यप, महेश नेताम, बंसी कश्यप, सोमारु नाग, दया राम, कश्यप लखमू कश्यप, ओर सरपंच जोगेंद्र भारती पंच फगनी नेताम, पंच कमल कश्यप, मनेर सिंग कश्यप, कोटवार पीलूराम बघेल पटेल जयसिंह बेसरा उपसरपंच मनसिंग ने जिला प्रशासन और तहसीलदार करपावंड से मांग की है कि तत्काल राजस्व टीम मैलबेड़ा भेजकर नुकसान का पंचनामा बनाया जाए और प्रकाश नेताम को मुआवजा राशि, बाइक क्षतिपूर्ति राशि दी जाए।
पीड़ित परिवार से फोन पर घटना की जानकारी लेते हुए किसान संघ के अध्यक्ष नीलकुमार बघेल ने भी दुख जताते हुए कहा हम पीड़ित परिवार के साथ हैं प्रशासन से मांग करेंगे।
