एक दिन में 3285 छात्रों को स्थाई जाति प्रमाणपत्र वितरण कर पखांजुर तहसील ने रचा नया कीर्तिमान
छोटे कापसी (राजदीप शर्मा)- मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का शनिवार 4 जून को पखांजुर आगमन होना है, मुख्यमंत्री के आगमन के पहले पखांजूर तहसील में एक ही दिन में 3285 छात्रों को उनका स्थाई जाति प्रमाणपत्र का वितरण किया गया। इसके लिए प्रशासन द्वारा विशेष अभियान चलाया गया और एक ही दिन में यह स्थाई जाति प्रमाण पत्रों को वितरण छात्रों के घर घर जा कर किया गया। जिले भर में शासन की योजना के तहत प्राथमिक शालाओं के अनुसूचित जाति, जनजाति तथा अन्य पिछड़ा वर्ग के छात्रों को उनका स्थाई जाति प्रमाण पत्र स्कूल में पढ़ाई के दौरान ही देने की योजना के तहत इन प्रमाण पत्रों को बनाया गया है। जिसमें सवार्धिक प्रमाण पत्र पखांजूर तहसील में ही बनाए गए है और एक ही दिन में इसका वितरण भी कर दिया गया।
शासन द्वारा पढ़ाई के दौरान ही अनूसचित जाति, जनजाति तथा पिछड़ा वर्ग के छात्र छात्राओं को उनका जाति प्रमाण पत्र देने की योजना के तहत पखांजूर तहसील में न केवल जिले के सर्वाधिक प्रमाण पत्र बनाये गए साथ ही उनका एक ही दिन में वितरण कर नया कीर्तिमान स्थापित किया है इसके लिए प्रशासन द्वारा विशेष अभियान चलाया गया और बकायदा संकुल समंवयकों और स्कूलों के शिक्षकों के माध्यम से इन प्रमाण पत्र का वितरण किया गया। जो पालक व छात्र प्रमाण पत्र लेने नहीं आए उनके घर प्रमाण पत्र पहुंचाया गया और इस प्रकार एक ही दिन में वितरण का लक्ष्य पूरा किया गया। शासन की योजना के तहत स्कूल में पढ़ने के दौरान ही छात्रों को उनका जाति प्रमाण पत्र मिले इसके लिए प्रति वर्ष स्कूल शुरू होते ही प्रमाण पत्र बनाने की कवायद शुरू होती है जिसमें संकुल समंवयक, स्कूल के शिक्षक, ग्राम पंचायत के सचिव तथा हल्का पटवारी द्वारा जाति प्रमाण पत्र जारी होना है, उन छात्रों को चिन्हांकित कर उनके फार्म भरवाये जाते है और घर घर जा कर उनका रिकार्ड लिया जाता है। इस दौरान कई परिवार ऐसे भी होते है जिनका रिकार्ड अन्य जिलों या तहसील में होता है तो उन्हें वहां से मंगवाया जाता है और पूरी प्रक्रिया पूरा कर छात्रों को स्थाई जाति प्रमाण पत्र जारी करवा दिया जाता है। इस वर्ष कक्षा पहली से लेकर पांचवी तक के छात्रों को प्रमाण पत्र जारी करने का लक्षय रखा गया था जिसके तहत आये सभी आवेदनों में से पात्र 3285 छात्र छात्राओं का स्थाई जाति प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया। इस पूरी प्रक्रिया में एक वर्ष तक का समय लगा और दो जून को जिन छात्रों को जाति का स्थाई प्रमाण पत्र दिया गया उनका आवेदन स्कूल शुरू होने के दौरान कराया गया था, जिन्हें अब प्रमाण पत्र जारी हुआ है।

सभी प्रमाण पत्रों में जाति प्रमाण पत्र सबसे महत्वपूर्ण होता है और इसे बनाना भी बेहद कठिन प्रक्रिया है। अनूसूचित जाति तथा जनजाति वर्ग के लोगों के लिए 1950 के पूर्व सरकारी रिकार्ड प्रस्तुत करना होता है जिसमें उनके पिता, दादा, या परदादा के नाम के साथ साथ उनकी जाति का उल्लेख हो तो अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 1984 के पहले का रिकार्ड प्रस्तुत करना होता है। शिक्षा सत्र 21- 22 के लिए प्रशासन द्वारा कक्षा पहली से कक्षा पांचवी तक के छात्रों को प्रमाण पत्र जारी करने का लक्ष्य लिया गया था। जिसके तहत सारे आऐ आवेदनों को निराकृत कर 3285 छात्रों को उनका स्थाई जाति प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया। इन प्रमाण पत्रों के लिए छात्रों को कोई शुल्क नहीं देना पडा और उन्हें इसके लिए न ही कोई पटवारी और रिकार्ड के लिए किसी तहसली के चक्कर लगाने पड़े। सभी को घर बैठे बैठे ही यह प्रमाण पत्र शासन द्वारा उपल्बध करा दिया गया।
