रोजगार सहायक के गायब रहने से कामकाज प्रभावित


पूरी पंचायत परेशान है इस कर्मचारी की मनमानी से

बकावंड :- एक रोजगार सहायक ने सभी पंचायत प्रतिनिधियों की नाक में दम कर रखा है। रोजगार सहायक के लगातार अनुपस्थित रहने के कारण ग्राम पंचायत का कामकाज बुरी तरह प्रभावित हो गया है। ग्राम पंचायत द्वारा रोजगार सहायक को हटाने का प्रस्ताव पारित किया जा चुका है, मगर न जाने वह कौन सी अदृश्य शक्ति है, जिसके दबाव में उसे हटाने से बड़े अधिकारी बच रहे हैं?

मामला बकावंड जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत टलनार का है। इस पंचायत में तैनात रोजगार सहायक लखबंधु कश्यप लगातार ग्राम पंचायत कार्यालय से अनुपस्थित रहता है। वह घर पर बैठकर ही अपने निजी फायदे वाले पंचायती कार्यों को अंजाम देते रहता है। टलनार के सरपंच व पंचों के मुताबिक रोजगार सहायक ग्राम पंचायत नहीं पहुंच रहा है। पंचों व ग्रामीणों को कई माह से रोजगार सहायक के दर्शन ही नहीं हुए हैं। ग्राम पंचायत के सीमांत किसानों की बाड़ियों और खेतों में शासकीय अनुदान से कराए गए कुआं निर्माण तथा अन्य निर्माण कार्यों के मस्टर रोल में यह रोजगार सहायक मजदूरों की फर्जी हाजिरी दर्शाकर शासकीय रकम की गड़बड़ी को घर बैठे ही अंजाम देते रहता है। 16 जून 2023 को हुई ग्राम पंचायत की बैठक में रोजगार सहायक लखबंधु कश्यप को ग्राम पंचायत टलनार से हटाकर उसकी जगह योग्य और कर्तव्यनिष्ठ रोजगार सहायक नियुक्त करने संबंधी प्रस्ताव पारित किया गया था। इसके ठीक 12 दिन बाद ही 28 जून को रोजगार सहायक लखबंधु कश्यप का एक नया कारनामा सामने आ गया। इस तिथि पर लखबंधु कश्यप ने बिना पंचायत कार्यालय आए ही डबरी निर्माण का फर्जी मस्टर रोल तैयार कर दिया। रोजगार सहायक के लंबे समय से बिना सूचना के अनुपस्थित रहने के कारण ग्राम पंचायत के विभिन्न निर्माण कार्यों और रोजगार मूलक कार्यों पर विराम सा लग गया है। टलनार के सरपंच, पंचों और ग्रामीणों ने रोजगार सहायक लखबंधु कश्यप को टलनार ग्राम पंचायत के कार्यों से तत्काल मुक्त कर नए रोजगार सहायक की नियुक्ति करने की मांग बस्तर जिला पंचायत के सीईओ और बकावंड जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी से की है।

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