इंद्रावती खतरे के मुहाने पर, गोदावरी का कहर जारी; NH-163 पर यातायात ठप, सैकड़ों वाहन फंसे

मुर्गेश कुमार रेड्डी-
भोपालपटनम। बीजापुर जिले के भोपालपटनम क्षेत्र में लगातार हो रही मूसलधार बारिश ने इंद्रावती और गोदावरी नदियों को रौद्र रूप में ला दिया है। इंद्रावती नदी का जलस्तर तेज़ी से बढ़ते हुए चेतावनी स्तर के बेहद करीब पहुंच चुका है, वहीं गोदावरी नदी के उफान से राष्ट्रीय राजमार्ग-163 (NH-163) पूरी तरह बंद हो गया है। नतीजतन, हैदराबाद की ओर जाने वाला मार्ग ठप पड़ गया है और सैकड़ों वाहन रास्ते में फंसे हुए हैं। गोदावरी के जल प्रवाहके चलते इंद्रावती नदी भी हिलोरें मारने लगी है।

भोपालपटनम अंचल के तिमेड क्षेत्र में मंगलवार सुबह इंद्रावती नदी का जलस्तर 11.800 मीटर दर्ज किया गया है, जबकि चेतावनी स्तर 12 मीटर और खतरे का स्तर 14 मीटर निर्धारित है। मौसम विभाग के अनुसार बारिश का सिलसिला यूं ही जारी रहा तो कुछ ही घंटों में जलस्तर खतरे के निशान को पार कर सकता है। डूबान की स्थिति 17 मीटर पर उत्पन्न होती है। इंद्रावती का जल स्तर इस आंकड़े को छू जाए तो आसपास की बस्तियों में पानी घुसने का खतरा बढ़ जाता है। प्रशासन ने निचले इलाकों में अलर्ट जारी कर दिया है और जलस्तर की लगातार निगरानी की जा रही है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आपदा प्रबंधन दल को अलर्ट मोड पर रखा गया है।

NH-163 बना जलमार्ग
तेज बारिश से गोदावरी नदी का जलस्तर भी खतरनाक स्तर तक पहुंच गया है। टेकुलगुडेम के पास नदी का पानी राष्ट्रीय राजमार्ग-163 पर चढ़ गया है, जिससे यह मार्ग पूरी तरह बंद कर दिया गया है। यह मार्ग हैदराबाद से बस्तर और अन्य क्षेत्रों को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग है।मार्ग बंद होने के कारण सैकड़ों यात्री बसें, ट्रक और निजी वाहन दोनों ओर फंसे हुए हैं। स्थानीय लोग, पर्यटक और रोजमर्रा के यात्री इस स्थिति से खासे परेशान हैं। कई जगहों पर यात्रियों को भोजन, पानी और स्वास्थ्य संबंधी सुविधाओं की कमी का सामना करना पड़ रहा है।प्रशासन की ओर से यात्रियों और आम नागरिकों से अपील की गई है कि बहुत ज्यादा जरूरी होने पर ही यात्रा करें और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। पुलिस बल और रेस्क्यू टीमें मौके पर मौजूद हैं लेकिन जलस्तर सामान्य होने तक मार्ग खोलना संभव नहीं है।

संकट हर साल, लेकिन समाधान नहीं
यह कोई पहली बार नहीं है जब बारिश के चलते इस मार्ग पर आवागमन बाधित हुआ हो। हर साल बारिश में NH-163 पर जलभराव की समस्या उत्पन्न होती है, लेकिन आज तक इसका कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। क्षेत्रवासियों और जनप्रतिनिधियों ने केंद्र व राज्य सरकार से बार-बार इस समस्या के समाधान की मांग की है, परंतु अब तक कोई ठोस कार्य योजना सामने नहीं आई है।

तिमेड़ क्षेत्र में मौजूदा स्थिति
बीजापुर जिले के तिमेड़ क्षेत्र में इंद्रावती नदी का वर्तमान जलस्तर 11.800 मीटर तक पहुंच गया है। जबकि चेतावनी स्तर 12.00 मीटर, खतरे का स्तर 14.00 मीटर और डूबान की स्थिति 17.00 मीटर है।

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