भोपालपटनम में गूंजा कर्मचारियों का स्वर: “जब तक मांगें पूरी नहीं, संघर्ष जारी रहेगा!”
भोपालपटनम :- बीजापुर जिले के भोपालपटनम विकासखंड मुख्यालय में कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन के बैनर तले एकदिवसीय धरना प्रदर्शन आयोजित किया गया। इस प्रदर्शन में विकासखंड के विभिन्न विभागों से जुड़े अधिकारी एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में शामिल हुए और अपनी 11 सूत्रीय मांगों को लेकर सरकार के प्रति नाराजगी जताई।
रैली के माध्यम से अनुविभागीय अधिकारी राजस्व भोपालपटनम को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिया गया।
धरने में उपस्थित कर्मचारियों ने एक स्वर में कहा कि जब तक हमारी जायज मांगें पूरी नहीं की जातीं, तब तक यह संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी मांगें कर्मचारी हित से जुड़ी हैं और इनका समाधान सरकार की प्राथमिकता में होना चाहिए।
प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं:
केंद्र सरकार के समान महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) का लाभ राज्य कर्मचारियों को भी तत्काल प्रभाव से दिया जाए।
वर्ष 2019 से लंबित DA एरियर्स को GPF (सामान्य भविष्य निधि) में समायोजित किया जाए।
वेतन विसंगतियों को दूर करने हेतु ‘पिंगुआ कमेटी’ की रिपोर्ट को अविलंब सार्वजनिक किया जाए।
8, 16, 24 और 32 वर्षों की सेवा पर चार स्तरीय समयमान वेतनमान को लागू किया जाए।
अनुकंपा नियुक्ति को निःशर्त लागू किया जाए और इसके लिए निर्धारित 10% सीमा को समाप्त किया जाए।
सेवानिवृत्ति की आयु सीमा को बढ़ाकर 65 वर्ष किया जाए।
संविदा, दैनिक वेतनभोगी एवं अनियमित कर्मचारियों को नियमित किया जाए।
धरना स्थल पर फेडरेशन के पदाधिकारियों ने कहा कि ये मांगे सिर्फ कागजों तक सीमित न रह जाएं, बल्कि इन्हें नीति में स्थान मिलना चाहिए। कर्मचारी समाज ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शीघ्र सकारात्मक पहल नहीं की गई तो आने वाले समय में आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
संघर्ष की चेतावनी:
प्रदर्शन के अंत में फेडरेशन ने स्पष्ट शब्दों में कहा –
“जब तक मांगे पूरी नहीं होंगी, तब तक संघर्ष जारी रहेगा।”
धरने के दौरान शांतिपूर्वक ढंग से सभी विभागों के कर्मचारी एकजुट नजर आए और सरकार से अपने हितों की रक्षा की मांग करते रहे।
