मनरेगा कर्मचारियों की हड़ताल सातवें दिन भी जारी, नहीं निकल पा रहा मस्टररोल, जनपद स्तर से अन्य कर्मचारियों को मनरेगा का प्रभार सौपने की तैयारी
बीजापुर- मनरेगा योजनांतर्गत कार्यरत अधिकारी कर्मचारी एवम ग्राम रोजगार सहायकों ने छत्तीसगढ़ मनरेगा कर्मचारी महासंघ के प्रांतीय बैठक में लिए गए निर्णय अनुसार अपने 2 सूत्रीय मांगों को लेकर 4 अप्रैल से हड़ताल में हैं। अपनी मांगों को लेकर 9 अप्रैल को भी कर्मचारी हड़ताल पर डटे हुए हैं। जिसके कारण ग्रामीण क्षेत्रों में मनरेगा अंतर्गत जाबकार्डधारी परिवारों को रोजगार नहीं मिल पा रहा है, विश्वस्त सूत्रों की माने तो ऐसी स्तिथि को देखते हुए प्रशासन ने विभाग के अन्य अधिकारी कर्मचारियों को मनरेगा का प्रभार देने की तैयारी कर ली है। अपनी प्रमुख मांगों को लेकर हड़ताल में बैठे मनरेगा कर्मियों की दो सूत्रीय प्रमुख मांगे है पहला चुनावी जन घोषणा पत्र को आत्मसात करते हुए समस्त मनरेगा कर्मियों का नियमितीकरण किया जावे एवं दूसरा नियमितीकरण की प्रक्रिया पूर्ण होने तक ग्राम रोजगार सहायकों का वेतनमान निर्धारण करते हुए समस्त मनरेगा कर्मियों पर सिविल सेवा नियम 1966 के साथ पंचायत कर्मी नियमावली लागू किया जाय ।
संघ के जिला अध्यक्ष महेन्द्र सिंह ठाकुर ने बताया कि छत्तीसगढ़ मनरेगा कर्मचारी महासंघ के प्रांतीय आह्वान पर हम सभी मनरेगा कर्मचारी 4 अप्रैल से अनिश्चित कालीन हड़ताल / धरना प्रदर्शन पर है। जब तक हमारी मांगों को शासन गंभीरतापूर्वक नहीं लेता तब तक हड़ताल जारी रहेगा। धरना स्थल पर संगठन के जिला संरक्षक मनीष सोनवानी, जिला कोषाध्यक्ष पदुम साहू , जिला उपाध्यक्ष सुशील दुर्गम, सोनम साहू, ममता जव्वा, रूखमणी श्रीवास्तव, हेमलता चन्द्रा, के अलावा जिला व जनपद के कर्मचारियों के अलावा ग्राम पंचायत के रोजगार सहायक उपस्थित थे ।
