एस्मा के लगाए जाने से क्रोधित हुए संविदा कर्मचारी दिया सामूहिक त्यागपत्र

बीजापुर :- पौने पांच साल बाद भी सरकार के जनघोषणा पत्र के वादे संविदा कर्मचारियों का नियमितिकरण पूरा नहीं किए जाने को लेकर संविदा कर्मचारी हड़ताल में बैठे हैं। सरकार ने इनसे संवाद स्थापित करने की अपेक्षा हड़ताल को दमनपूर्वक तोड़ने सीधे एस्मा कानून लगाकर कलेक्टर को करवाई के निर्देश दिए हैं। इससे संगठन भड़क गया है, और दमनपूर्वक करवाई एस्मा के विरोध में संविदा कर्मचारियों ने नौकरी से त्यागपत्र देकर अपना विरोध प्रदर्शन किए।

महासंघ के जिला अध्यक्ष रमाकांत पुनेठा ने कहा कि लोकतंत्र में सम्मानपूर्वक काम और संवैधानिक तरीके से अपनी आवाज उठाने का अधिकार है। किंतु जब शासन की योजनाओं को धरातल पर लागू करने वाले कर्मचारियों को हर साल नौकरी से निकाले जाने का भय और कार्य के दौरान प्रशासनिक प्रताड़ना का प्रति दिन सामना करना पड़ता हो तो उनकी मनःस्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। जब वे पीड़ित कर्मचारी अपनी पीड़ा दूर करने चुनावपूर्व किए गए सरकार के वादे को पूरा करने गुहार लगाते हैं तो उनको सुनने संवाद स्थापित करने की बजाय उनकी आवाज को दमनपूर्वक दबाया जाता है। छत्तीसगढ़ में सरकारें तो बदली पर हमारे भाग्य नहीं बदले। हम आज भी स्थायित्व और सम्मान के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

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