शरदपूर्णिमा पर बंगाली समाज ने किया पारंपरिक तौर पर लक्ष्मी पूजा
राजदीप शर्मा
छोटे कापसी। शरदपूर्णिमा पर छोटे कापसी में बंगाली समाज के द्वारा अपने अपने घरों में पारंपरिक तौर पर लक्ष्मी पूजा की। इस पूजा को लखी पूजा भी कहा जाता है। बंगला पंचाग के अनुसार आज सुबह 11 बजे से कल सुबह 09 बजे तक शुभ मुहूर्त है। इस मूहूर्त में अपने अपने घरों में मां लक्ष्मी की पूजा की जा सकती है। पूजा में चावल के माड़ और खड़िया से अल्पना ( पारंपरिक रंगोली) मां के पैर बनाकर मां लक्ष्मी के स्वागत के लिए स्वागत द्वार सजाए गए। धनंजय चंद,पल्लव मंडल,दीप्ति साहा सांसद प्रतिनिधि गणेश साहा ने बताया कि शरद पूर्णिमा पर बंगाली समुदाय के सदस्य मां लक्ष्मी का पूजन करते हैं। मान्यता है कि शरद पूर्णिमा के दिन मां लक्ष्मी अपने वाहन पर सवार होकर श्रद्धालुओं के घर जाती हैं। इस दिन गीले सत्तू के साथ केले, दूध, लाई, और नारियल के विशेष लड्डू (नारू) का भोग लगाया जाता है। शुभ मुहूर्त में मां लक्ष्मी की पूजा के बाद कापसी,पखांजूर,बांदे पूरे परलकोट में एक दूसरे के घर जाकर प्रसाद ग्रहण कर लक्ष्मी पूजा की शुभकामनाएं देते हैं।
