दल्ली राजहरा के पुराने आशा टॉकीज परिसर के हरे-भरे पेड़ों की अवैध कटाई, वन विभाग ने की कार्रवाई
दल्ली राजहरा। पुराने आशा टॉकीज के नाम से विख्यात स्थल एक बार फिर विवादों में आ गया है। आरोप है कि वन एवं जमीन माफियाओं द्वारा टॉकीज परिसर में लगे हरे-भरे और फलदार वृक्षों की अवैध रूप से कटाई कर दर्जनों पेड़ों की लकड़ियों को लकड़ी माफियाओं के पास बेच दी गई है। वन विभाग ने समय रहते कार्रवाई कर एक पिकअप वाहन में भरी लकड़ियां जप्त की हैं।
सूत्रों के अनुसार रात के अंधेरे में पेड़ों की कटाई की जा रही थी और दिन में पिकअप वाहन से लकड़ी को ठिकाने लगाने का इरादा था। लेकिन गोपनीय सूचना पर वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर तत्परता दिखाते हुए पंचनामा तैयार किया और कार्रवाई शुरू की। पूछताछ में वन माफिया ने कहा कि यह लकड़ी दल्ली राजहरा मुक्तिधाम के लिए है और मुर्दों को जलाने में उपयोग होगी, इसमें परमिशन की क्या जरूरत है?उल्लेखनीय है कि आशा टॉकीज परिसर पहले भी जमीन हड़पने के मामलों को लेकर सुर्खियों में रहा है। अब पेड़ों की अवैध कटाई से यह फिर जंग का मैदान बनता दिख रहा है। पेड़ों की कटाई पर व्यापारी प्रवीण कुमार जैन ने बताया कि यह स्थल विवादित है इसमें पार्किंग विवाद को लेकर हमारा और अजय कुकरेजा, गोविंद वाधवानी, रमेश जायसवाल, अमर जायसवाल, विजय कुकरेजा के साथ विवाद हुआ था। इस पर उन पांचों ने आकर मारपीट की थी। विवादित स्थल पर कब्जा जमाने के लिए अजय कुकरेजा और रमेश जायसवाल द्वारा षड्यंत्र रचा गया कि ऐसे तो कब्जा नहीं किया जा सकता तो पेड़ को काट कर मुक्तिधाम का नाम घसीटा जाए। अपने निजी स्वार्थ के लिए मुक्तिधाम को शामिल करना कहां तक उचित है? प्रवीण कुमार जैन ने कहा कि आखिर अंत में सबको वहीं पर जाना है। इस कार्रवाई पर प्रवीण कुमार जैन ने वन विभाग को धन्यवाद दिया कि मुखबिर की सूचना पर तुरंत वन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और कार्रवाई करते हुए विवादित स्थान पर कटे हुए पेड़ की जप्ती की। प्रवीण कुमार जैन ने बताया कि विवादित पार्किंग की लगभग 20 हजार वर्गफीट जमीन पर फलदार और इमरती प्रजाति के पेड़ थे। वन विभाग ने एक टाटा एस वाहन में भरकर रखी लड़कियों पर कार्रवाई की है। बाकी लड़कियां और पेड़ कहां गए? उन्होंने आरोप लगाया कि अजय कुकरेजा एवं गोविंद वाधवानी द्वारा रातों-रात लड़कियों को निकालकर किसी वन माफिया के पास बेच दिया गया है। इस कार्रवाई के लिए प्रवीण कुमार जैन ने वन विभाग के अधिकारियों को धन्यवाद दिया है।
